नोएडा में फर्जी फ्रेंडशिप क्लब का काला खेल... युवतियों के जाल में फंसाकर लूटता था गैंग, 5 गिरफ्तार

ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब की आड़ में लोगों को जाल में फंसाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गैंग का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है. गैंग में महिलाएं भी शामिल थीं, जो पीड़ितों को मिलने का झांसा देती थीं. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई फॉर्च्यूनर समेत वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ियां और हथियार बरामद किए हैं.

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 दो कारों में चलता था पूरा गैंग.(Photo: Bhupender Chaudhary/ITG)  दो कारों में चलता था पूरा गैंग.(Photo: Bhupender Chaudhary/ITG)

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा,
  • 04 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लोगों को दोस्ती का झांसा देकर सुनसान जगहों पर ले जाकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गैंग का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है. थाना सेक्टर-24 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें और एक अवैध चाकू बरामद किया है.

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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओमवीर यादव, मंजेश यादव, निधि यादव, प्रियंका यादव और काजल उर्फ रिया यादव के रूप में हुई है. सभी आरोपियों को सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया. इनके साथ एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस अब इस गैंग के फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.

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पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग लंबे समय से ऑनलाइन फर्जी फ्रेंडशिप क्लब संचालित कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था. गैंग बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था, ताकि पीड़ित को संभलने का मौका ही न मिले.

ऐसे बिछाते थे दोस्ती का जाल

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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गैंग का सदस्य पंकज यादव सबसे पहले ऑनलाइन ग्राहक तलाशता था. इसके बाद गैंग की महिला सदस्य पीड़ित से संपर्क करती थीं और दोस्ती बढ़ाने के बाद मुलाकात का प्रस्ताव देती थीं. जब पीड़ित मिलने पहुंचता था, तो उसे लड़की दिखाने के बहाने कार में बैठा लिया जाता था.

इसके बाद आरोपी पीड़ित को सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ मारपीट करते थे और मोबाइल, नकदी, पर्स तथा अन्य कीमती सामान लूट लेते थे. वारदात के दौरान एक कार में तीन से चार आरोपी मौजूद रहते थे, जबकि दूसरी कार में गैंग के बाकी सदस्य पीछे-पीछे चलते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके.

पुलिस का कहना है कि गैंग पूरी योजना के साथ वारदात करता था. महिलाओं की मौजूदगी के कारण पीड़ित आसानी से उनके झांसे में आ जाते थे और बाद में उनके साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया जाता था.

30 जून की वारदात का ऐसे हुआ खुलासा

पूछताछ के दौरान आरोपी ओमवीर यादव ने 30 जून 2026 की रात हुई एक बड़ी वारदात का भी खुलासा किया. उसने बताया कि सेक्टर-54 स्थित पेट्रोल पंप के पास से एक व्यक्ति को पहले स्विफ्ट कार में बैठाया गया. इसके बाद उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई.

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आरोपियों ने पीड़ित से मोबाइल का लॉक खुलवाया और यूपीआई के जरिए अलग-अलग खातों में करीब 18 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए. इसके बाद उसका पर्स और फॉर्च्यूनर कार की चाबी भी छीन ली गई. आरोपी पीड़ित की फॉर्च्यूनर लेकर मौके से फरार हो गए थे.

इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची और पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो गया. पुलिस ने लूटी गई फॉर्च्यूनर कार भी बरामद कर ली है.

दो कारों में चलता था पूरा गैंग, फरार आरोपियों की तलाश जारी

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि वारदात के समय स्विफ्ट कार में ओमवीर यादव, मंजेश यादव, पंकज यादव और निधि यादव मौजूद थे. वहीं, दूसरी ऑरा कार में जीतू यादव उर्फ छोटू, रिशु यादव, प्रियंका यादव, काजल उर्फ रिया, अभिषेक यादव और एक अन्य सदस्य सवार थे.

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार, वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट और ऑरा कार तथा एक अवैध चाकू बरामद किया है. मामले में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

पुलिस का कहना है कि गैंग के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस तरीके से अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया गया और किन-किन जिलों में इस गिरोह ने वारदातों को अंजाम दिया. पुलिस सभी पहलुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है.

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