सगाई के बाद पहली बार सांसद प्रिया सरोज ने अपनी होने वाली शादी और रिंकू सिंह के साथ रिश्ते पर खुलकर बात की. बताया कि वैसे तो शादी गांव वाले घर से करने की इच्छा है, लेकिन यह संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि अलग से रिसेप्शन नहीं होगा, शादी में ही सबको बुला लिया जाएगा और इस साल होने वाले यूपी चुनाव से ठीक पहले ही फेरे लेने की तैयारी है.
गांव से शादी करना चाहती थी प्रिया
प्रिया सरोज ने बताया कि उनके परिवार की लगभग सभी शादियां गांव से ही हुई हैं. बचपन से उन्होंने अपने घर में होने वाली शादियां देखी हैं और उसी माहौल में उनकी भी शादी होने की इच्छा रही है. उन्होंने कहा कि गांव से उनका भावनात्मक जुड़ाव है. वहीं उनका बचपन बीता और वहीं की यादें आज भी सबसे ज्यादा खास हैं. उन्होंने पहले से ही सोच रखा था कि शादी के दौरान गांव में मंडप सजेगा, रिश्तेदार आएंगे और पूरे परिवार के बीच पारंपरिक तरीके से विवाह होगा. उनका कहना है कि शहरों के बड़े होटल या बैंक्वेट से ज्यादा अपनापन गांव के माहौल में महसूस होता है. लेकिन शादी बनारस या लखनऊ में होगी. उन्होंने बताया बनारस उनके यहां से एक घंटे की दूरी पर है और लखनऊ चार. उन्होंने स्पष्ट कहा कि लखनऊ से ही शादी होने की ज्यादा उम्मीद है.
अलग से रिसेप्शन नहीं होगा
शादी को लेकर सबसे बड़ा खुलासा प्रिया सरोज ने रिसेप्शन को लेकर किया. उन्होंने बताया कि शादी के बाद अलग से रिसेप्शन आयोजित करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है. उनकी कोशिश रहेगी कि शादी का कार्यक्रम ही ऐसा हो, जिसमें सभी रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक शामिल हो सकें. उन्होंने कहा कि उसी समारोह में सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा, इसलिए अलग से रिसेप्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसका कारण भी उन्होंने बताया.
चुनाव से पहले होगी शादी
प्रिया सरोज ने बताया कि शादी के लिए नवंबर-दिसंबर का समय देखा जा रहा है. दीपावली के बाद शुभ मुहूर्त मिलने की संभावना है. उन्होंने संकेत दिया कि आगामी चुनावी व्यस्तताओं से पहले ही विवाह संपन्न कराने की योजना है, ताकि बाद में राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण किसी तरह की परेशानी न हो. इसी लिए रिसेप्शन का प्लान नहीं है. हालांकि अंतिम तारीख परिवार और शुभ मुहूर्त के अनुसार तय की जाएगी.
एक इंस्टाग्राम लाइक से शुरू हुई कहानी
प्रिया सरोज ने अपनी लव स्टोरी का सबसे दिलचस्प हिस्सा भी साझा किया. उन्होंने बताया कि उनकी बहन फूड ब्लॉगिंग करती थीं और उनका एक फूड पेज था. उस पेज को प्रमोट कराने के लिए किसी ने रिंकू सिंह का नाम सुझाया. बताया गया कि रिंकू काफी सहज स्वभाव के हैं और मदद जरूर करेंगे. इसी दौरान प्रिया ने पहली बार इंस्टाग्राम पर रिंकू सिंह की प्रोफाइल देखी. उस समय रिंकू सिंह आईपीएल में अपनी पहचान बना चुके थे. प्रिया बताती हैं कि उस समय उनके इंस्टाग्राम पर करीब एक हजार फॉलोअर्स थे, जबकि रिंकू के करीब 1.20 लाख फॉलोअर्स थे. उन्होंने रिंकू की एक फोटो को लाइक किया और फिर बात वहीं खत्म हो गई. उन्हें याद भी नहीं रहा कि उन्होंने कभी उनकी पोस्ट पर लाइक किया था. लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक रिंकू सिंह की तरफ से एक मैसेज आया और यहीं से बातचीत की शुरुआत हुई.
पहले भाई करते थे रिंकू से चैट
प्रिया ने बताया कि शुरुआत में वह किसी अनजान व्यक्ति से सीधे बातचीत करने में सहज नहीं थीं. उन्होंने अपना फोन अपने भाई को दे दिया. करीब एक सप्ताह तक उनके भाई ही प्रिया के अकाउंट से रिंकू सिंह से बात करते रहे. इस कहानी का एक और दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि उधर रिंकू सिंह की तरफ से क्रिकेटर नीतीश राणा बातचीत में जुड़े हुए थे. धीरे-धीरे दोनों परिवारों और दोनों पक्षों के बीच भरोसा बढ़ता गया और बातचीत आगे बढ़ी.
रिश्ते के बारे में पहले नहीं सोचा था
प्रिया सरोज ने कहा कि जब उनकी बातचीत शुरू हुई थी, तब उनके मन में शादी या रिलेशनशिप का कोई विचार नहीं था. उस समय उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर था. वह न्यायिक सेवा (जज) की तैयारी कर रही थीं और उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती थीं. इस दौरान उन्होंने रिंकू सिंह को साफ बता दिया था कि उनके परिवार की सोच अलग है और उनके पिता उनके लिए सरकारी नौकरी करने वाला लड़का पसंद करते हैं. प्रिया के अनुसार उनके पिता और केराकत विधायक तूफानी सरोज चाहते थे कि उनकी बेटी की शादी ऐसे युवक से हो जो पढ़ा-लिखा हो, संस्कारी हो और स्थायी सरकारी नौकरी करता हो. उनकी प्राथमिकता ऐसी नौकरी थी जिसमें नियमित आय और स्थिर भविष्य हो. यही वजह थी कि शुरुआत में रिंकू सिंह के साथ रिश्ते को लेकर परिवार सहज नहीं था.
जब रिंकू ने पूछा तो बात बन जाएगी
प्रिया सरोज ने बताया कि जब उन्होंने रिंकू सिंह को अपने परिवार की सोच के बारे में बताया तो रिंकू ने बेहद सहज अंदाज में एक सवाल पूछा. उन्होंने कहा, अगर मैं भारतीय टीम में चुन लिया गया तो क्या आपके पापा मान जाएंगे ? प्रिया ने उस समय साफ जवाब दिया कि उनके पिता क्रिकेट को उस नजरिए से नहीं देखते. उनके लिए किसी खिलाड़ी का टीम इंडिया में चयन होना ही काफी नहीं था. परिवार की प्राथमिकता अलग थी और रिश्ते को लेकर उनकी अपनी शर्तें थीं. लेकिन वक्त के साथ हालात बदलते चले गए.
रिंकू का करियर बदला, रिश्ते की राह भी आसान हुई
आईपीएल में रिंकू सिंह के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें देशभर में नई पहचान दिलाई. लगातार अच्छा खेल, मुश्किल परिस्थितियों में टीम को जीत दिलाना और एक मैच में लगातार पांच छक्के लगाकर इतिहास रचना उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ. इसके बाद भारतीय टीम में भी उन्हें मौका मिला. प्रिया सरोज का कहना है कि जैसे-जैसे रिंकू का करियर आगे बढ़ता गया, वैसे-वैसे परिवार की सोच में भी बदलाव आने लगा. आखिरकार दोनों परिवारों ने रिश्ते पर सहमति जताई और आगे की प्रक्रिया शुरू हुई.
पहले परिवार ने नहीं दी थी मंजूरी
प्रिया सरोज ने बताया कि उनके परिवार में इससे पहले किसी ने लव मैरिज नहीं की थी. इसके अलावा यह इंटरकास्ट विवाह भी था. यही वजह रही कि जब उन्होंने पहली बार अपने पिता तूफानी सरोज को रिंकू सिंह के बारे में बताया तो शुरुआत में परिवार ने सहमति नहीं दी. प्रिया के मुताबिक, उनके पिता ने सबसे पहले रिंकू सिंह की जाति के बारे में पूछा था और शुरुआती दौर में इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. हालांकि समय के साथ बातचीत आगे बढ़ी और परिवार ने दोनों की इच्छा का सम्मान करते हुए रिश्ते के लिए हामी भर दी.
रिंकू को किस नाम से बुलाती हैं प्रिया
इंटरव्यू में जब प्रिया सरोज से पूछा गया कि वह रिंकू सिंह को किस नाम से बुलाती हैं तो उन्होंने मुस्कुराते हुए इसका जवाब भी दिया. उन्होंने बताया कि वह रिंकू को आरके (RK) कहकर बुलाती हैं. इसके पीछे उन्होंने पूर्वांचल की परंपरा का जिक्र किया. उनके मुताबिक, वहां कई परिवारों में पत्नियां अपने पति का नाम लेकर नहीं बुलातीं. इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए वह भी रिंकू का नाम कम ही लेती हैं.
दोनों का स्वभाव बिल्कुल अलग
प्रिया सरोज ने यह भी बताया कि दोनों का स्वभाव एक-दूसरे से काफी अलग है. उनके मुताबिक वह खुद काफी बातूनी, मिलनसार और चुलबुली हैं. उन्हें लोगों से बातचीत करना पसंद है और वह हर माहौल में आसानी से घुल-मिल जाती हैं. वहीं रिंकू सिंह का स्वभाव बिल्कुल उल्टा है. वह कम बोलते हैं, शांत रहते हैं और ज्यादा सुर्खियों से दूर रहना पसंद करते हैं. प्रिया ने कहा कि यही अलग-अलग स्वभाव दोनों के रिश्ते को और बेहतर बनाता है.
कुकिंग पसंद है, लेकिन समय कम मिलता है
इंटरव्यू के दौरान प्रिया ने अपनी निजी पसंद-नापसंद के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि उन्हें खाना बनाना अच्छा लगता है. हालांकि सांसद होने के कारण व्यस्तता काफी रहती है, इसलिए पहले की तरह समय नहीं मिल पाता. दूसरी तरफ रिंकू सिंह का पूरा ध्यान क्रिकेट पर रहता है. मैच, ट्रेनिंग और टूर्नामेंट के बीच उनका ज्यादातर समय मैदान पर ही गुजरता है.
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