मैनपुरी में जनसुनवाई के दौरान मां-बेटी ने की बहस तो DM ने भेजा थाने, पुलिस ने काट दिया चालान

मैनपुरी के किशनी इलाके में अपनी शिकायत लेकर पहुंची मां-बेटी को डीएम से बहस करना भारी पड़ गया. उन दोनों को ही पुलिस को सौंप दिया गया, जिसके बाद उनका चालान भी कर दिया. हालांकि उनकी जमानत थाने से हो गई. 

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मैनपुरी में DM ने मां-बेटी को भेजा थाने मैनपुरी में DM ने मां-बेटी को भेजा थाने

पुष्पेंद्र सिंह

  • मैनपुरी,
  • 08 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:12 AM IST

मैनपुरी में डीएम और एसपी किशनी तहसील में जनशिकायतें सुन रहे थे तभी एक मां-बेटी ने हंगामा किया. डीएम के समझाने के बावजूद वो नहीं मानीं, जिसके बाद डीएम ने मां-बेटी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, लेकिन पुलिस उन्हें लेकर थाने गई और वहां से उनका चालान कर दिया. 

किशनी तहलील क्षेत्र के बहरामऊ की रहने वाले अशोक कुमार की पत्नी राधा देवी अपनी बेटी के साथ डीएम की जनसुनवाई में गई थीं. वहां उन्होंने बताया कि मेड़बंदी के बावजूद दबंग उनकी जमीन से कब्जा नहीं छोड़ रहे थे. मां-बेटी ने गांव के ही सुनील, अनिल, सुभाष, काशीराम, राकेश और विवेक पर आरोप लगाया कि वो जमीन से कब्जा नहीं हटा रहे थे. जबकि राजस्व अधिकारियों ने निशान भी लगा दिए थे, लेकिन इन लोगों ने दोबारा पैमाइश कराकर निशानों को मिटाकर दोबारा कब्जा कर लिया. 

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क्या है पूरा मामला?

मां-बेटी की 5 मिनट तक शिकायत सुनने के बाद मैनपुरी के डीएम ने आश्वासन दिया कि मामले में कार्रवाई की जाएगी, लेकिन राजस्व कर्मियों के बीच में बोलने पर राधा देवी उनकी बेटी दिव्या डीएम से बहस कर आत्महत्या करने की धमकी देने लगीं. डीएम अंजनी कुमार सिंह के कई बार समझाने के बाबजूद न मानने पर डीएम ने एतिहात के तौर पर दोनों मा बेटी को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया, जिससे कि कोई भी अप्रिय घटना न हो सके. 

पहले भी परिवार ने किया था आत्मदाह का प्रयास

दरअसल दो दिन पहले ही कलक्ट्रेट परिसर में एक परिवार द्वारा शिकायत करने के दौरान ज्वलनशील पदार्थ अपने ऊपर डालने की घटना हुई थी. उसी को देखते हुए जिलाधिकारी मैनपुरी ने सुरक्षा के दृष्टिगत के कदम उठाया. जिस पर पुलिस दोनों महिलाओं को थाने पर लेकर आ गई और शांति भंग के आरोप में दोनों का चालान कर दिया. दोनों महिलाओं को एसडीएम किसनी गोपाल शर्मा ने सख्त हिदायत देते हुए कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इस पर जमानत दे दी.

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इस मामले पर क्या बोले मैनपुरी के डीएम? 

मैनपुरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि मैंने किसी को जेल भेजने की बात नहीं कही थी. इन मां-बेटी का जमीन को लेकर कुछ विवाद था. मैंने पूरा सुना और इनको आश्वासन भी दिया कि इस पूरे मामले में जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी, लेकिन मां-बेटी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी और बार बार आत्महत्या करने की बात कह रहीं थी. इसीलिए ऐतिहातन मैंने इन लोगों को थाने भिजवा दिया और जब यह शांत हो गए तो इनको घर भेज दिया गया है. अभी दो दिन पहले ही मैनपुरी कलेक्ट्रेट परिसर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की गई थी. मैंने किसी को भी जेल भेजने के लिए नहीं कहा है और जो कुछ भी मीडिया में चल रहा है वह बिल्कुल असत्य और निराधार है.

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