महराजगंज: चौकीदार पति के प्रमोशन में फंसीं सिसवा की चेयरमैन, शासन ने छीन लीं शक्तियां

भ्रष्टाचार के आरोप में नगर पालिका सिसवा (महराजगंज) की अध्यक्ष शकुंतला देवी का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया है. शासन ने जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है. मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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महराजगंज की सिसवा नगर पालिका महराजगंज की सिसवा नगर पालिका

अमितेश त्रिपाठी

  • महराजगंज,
  • 28 जून 2024,
  • अपडेटेड 4:37 PM IST

उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग ने भ्रष्टाचार के आरोप में नगर पालिका सिसवा (महराजगंज) की अध्यक्ष (चेयरमैन) शकुंतला देवी का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज कर दिया है. आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है. शासन के निर्देश पर जांच अवधि तक अध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए डीएम अनुनय झा ने डिप्टी कलक्टर शैलेन्द्र गौतम को सिसवा नगर पालिका का प्रशासक नियुक्त कर दिया है.

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सत्ताधारी पार्टी की नगर पालिका अध्यक्ष पर हुई इस कार्रवाई से सनसनी मच गई है. सिसवा नगर पालिका में ही तैनात अपने चौकीदार पति की पदोन्नति समेत अध्यक्ष के खिलाफ चार प्रमुख शिकायतों की जांच के बाद तत्कालीन डीएम ने शासन को आख्या भेजी थी. जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर विकास अनुभाग ने अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब संतोषजनक न मिलने पर शासन ने अध्यक्ष का पॉवर सीज करते हुए डीएम को जांच अधिकारी नामित किया है. 

सिसवा नगर पालिका अध्यक्ष पर है ये आरोप

बता दें कि नगर पालिका सिसवा के खाते में वित्तीय काम के लिए 1 अप्रैल 2022 को 4 करोड़ 45 लाख 79 हजार 277 रुपया था. उस दिन हुई बोर्ड की पहली बैठक में 11 करोड़ 58 लाख 69 हजार रुपये के कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर दी गई. यह धनराशि नगर पालिका के पास उपलब्ध धनराशि से 7 करोड़ 12 लाख 89 हजार 722 रुपया अधिक थी. शिकायत की जांच में यह बात सामने आई कि उपलब्ध धनराशि लगभग 4.45 करोड़ के सापेक्ष 11.78 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति प्रदान किया जाना वित्तीय नियमो का प्रत्यक्ष उल्लंघन है. 

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इसके अलावा 28 मई 2022 को निविदा निकाली गई थी जिसमें तीन माह में कार्य पूरा करने का समय निर्धारित किया गया था. नगर पालिका को प्रति माह सरकार से 1 करोड़ 60 लाख 88 हजार 362 रुपया मिलता है. इसमें से वेतन आदि पर 30 लाख प्रति माह व्यय होता है, शेष 130.00 लाख कार्यों के लिए नियत रहता है. इस प्रकार सम्पूर्ण कार्य समाप्ति तक सरकार से प्राप्त धनराशि में से कार्य के लिए धनराशि 650 लाख हो जाती है. 

ये भी पढ़ें- महजराजगंज: सिसवा नपा अध्यक्ष ने चौकीदार पति को बनाया लिपिक, पदोन्नति से वंचित कर्मियों का हंगामा

7 मई 2022 को 1178.60 लाख रुपया साठ कार्यों के लिए टेंडर निकाला गया. इसमें से 16 कार्यों में तकनीकी स्वीकृति ली गई, 44 कार्यों में तकनीकी स्वीकृति नहीं ली गई. इसके बाद भी सभी कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की गई, जबकि मानक संचालन प्रक्रिया विषयक शासनादेश के अनुसार प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति निविदा आमंत्रण के पूर्व लिया जाना अनिवार्य है. 

जिलाधिकारी की परीक्षण आख्या में पाया गया है कि तकनीकी स्वीकृति प्राप्त किये बिना निविदा आमंत्रित किया जाना वित्तीय नियमों के अनुरूप नहीं है स्वीकृति प्रदान किया जाना वित्तीय नियमों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है. 

नियमों को ताक पर रखकर चौकीदार पति का कर दिया प्रमोशन

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सिसवा बाजार नगर पालिका परिषद के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति 31 अगस्त 2022 को की गई थी. पीड़ित कर्मचारियों ने इसकी शिकायत डीएम से की. तत्कालीन जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मुख्य कोषाधिकारी, एसडीएम निचलौल एवं अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, महराजगंज की त्रिसदस्यीय जांच समिति गठित की गई. जांच टीम ने 15 दिसंबर 2022 को आख्या दी, जिसमें यह यह बताया गया कि नगर पालिका अध्यक्ष ने अपने पति सहित अन्य कार्मिकों की पदोन्नति व्यक्तिगत हित के मद्देनजर एकल आदेश के द्वारा की गयी है. 

नियमानुसार कोई भी पदोन्नति एक निश्चित समिति के माध्यम से की जानी चाहिए थी. जांच रिपोर्ट में पदोन्नति की कार्यवाही को नियम विरूद्ध एवं शासनादेशों के विपरीत बताया गया. इस तरह की कुल चार शिकायतों की जांच आख्या शासन को भेजी गई थी. 

फिलहाल, अब इस मामले में जिलाधिकारी ने बताया कि नगर विकास अनुभाग ने सिसवा नगर पालिका अध्यक्ष के पावर को सीज कर दिया है. शासन के निर्देश पर अधिरोपित आरोप की जांच होने तक नगर पालिका सिसवा में अध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए डिप्टी कलक्टर शैलेन्द्र गौतम को प्रशासक नियुक्त किया गया है. 

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