लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के पास युवती को कार से कुचलने और घसीटने के मामले में पीड़िता ने आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में कई बड़े खुलासे किए हैं. पीड़िता ने आरोप लगाया कि शाहनवाज उसके साथ लंबे समय से संपर्क में था और रिलेशन के दौरान उसके साथ मारपीट करता था. उसका दावा है कि आरोपी नशे में उसे लात और बेल्ट से मारता था.
पीड़िता ने कहा कि उसे अभी भी धमकियां मिल रही हैं और उसे डर है कि आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद दोबारा उसे नुकसान पहुंचा सकता है. उसने साफ कहा कि वह किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहती.
पीड़िता के मुताबिक, घटना वाले दिन वह अपनी बुआ और बहन के साथ जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंची थी. इसी दौरान उसने शाहनवाज को दो लड़कियों के साथ देखा. उसने उससे पूछा कि ये लड़कियां कौन हैं. पीड़िता का दावा है कि इसके बाद विवाद शुरू हो गया और दोनों लड़कियां पार्क के पीछे के गेट से चली गईं.
'मेरा हाथ शीशे में दब गया, घसीटते रहे'
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद शाहनवाज कार लेकर निकलने लगा. उसने कार रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने गाड़ी आगे बढ़ा दी. इसी दौरान वह कार के शीशे की तरफ फंस गई और उसका हाथ शीशे में दब गया. उसका आरोप है कि इसके बाद उसे कार के साथ घसीटा गया.
पीड़िता ने दावा किया कि कार में मौजूद दानिश ने कहा, 'आज इसे मार दो, आज साली को मार दो, बाद में देखा जाएगा.' पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान उसने खुद को बचाने की कोशिश की. उसे इतनी चोटें आई हैं कि वह कैमरे पर अपनी सभी चोटें नहीं दिखा सकती.
'शाहनवाज ने अपना नाम आयुष ठाकुर बताया था'
पीड़िता ने दावा किया कि उसकी शाहनवाज से करीब एक साल पहले मुलाकात हुई थी. उसका आरोप है कि शुरुआत में शाहनवाज ने अपना नाम आयुष ठाकुर बताया था. एक बार उसकी स्कूटी की चाबी खो गई थी और उसे छोड़ने के लिए शाहनवाज अपने दोस्त शरीफ के साथ आया था. उस समय उसने भी खुद को ठाकुर बताया था.
पीड़िता ने बताया कि बाद में उसने शाहनवाज का इंस्टाग्राम अकाउंट देखा, जिसके बाद उसे पता चला कि उसका नाम शाहनवाज है. उसके मुताबिक, यह जानकर वह शॉक्ड हो गई थी. इसके बाद भी शाहनवाज लगातार उसे फोन करता रहा और उसके संपर्क में रहा. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शाहनवाज के संपर्क में कई दूसरी लड़कियां थीं. आरोपी और उसके दोस्त क्लब जाते थे और वहां से लड़कियों से संपर्क करते थे.
'पहले भी DLF के पास मारा था'
पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ यह पहली बार मारपीट नहीं हुई थी. उसने बताया कि इससे पहले DLF के पास भी शाहनवाज ने उसके साथ मारपीट की थी और उस समय सुरक्षा गार्ड मौके पर आ गए थे. शाहनवाज नशे में उसे लात और बेल्ट से मारता था.
उसका दावा है कि आरोपी ने उसका एक प्राइवेट वीडियो भी उसकी मर्जी के खिलाफ बनाया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी दी. पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद आरोपी के दोस्त शरीफ उसके घर आए और समझौता करने का दबाव बनाया. उसे कहा गया कि कुछ दिनों में बेल हो जाएगी और मुकदमा चलने पर उसकी इज्जत जाएगी. पीड़िता ने दावा किया कि उसे धमकी दी गई कि अगर वह केस करेगी तो उसे खुद इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
पीड़िता ने कहा कि वह समझौता नहीं करेगी. आरोपी और उसके साथी मुकदमा खत्म कराकर जमानत चाहते हैं और उसे डर है कि बाहर आने के बाद उसे दोबारा निशाना बनाया जा सकता है.
'पहले ही फंसा सकती थी, झूठ क्यों बोलूंगी?'
पीड़िता ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर भी जवाब दिया. उसने कहा कि अगर उसका मकसद शाहनवाज को फंसाना होता तो वह पहले ही ऐसा कर सकती थी. उसने कहा कि वह लंबे समय से उसके संपर्क में थी और पहले भी उसके साथ विवाद और मारपीट हुई थी.
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शाहनवाज राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय था और अखिलेश यादव का नाम लेकर प्रभाव की बात करता था. उसके मुताबिक, शाहनवाज समाजवादी पार्टी की तरफ से पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था. उसे इतना ही पता था कि वह इस तरह की राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था.
आरोपी का सियासी कनेक्शन भी आया सामने
आजतक की पड़ताल में शाहनवाज की समाजवादी पार्टी से जुड़े राजनीतिक कार्यक्रमों में मौजूदगी की तस्वीरें भी सामने आई हैं. इनमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत पार्टी के नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें और रैलियों तथा धरना-प्रदर्शनों में मौजूदगी के दावे शामिल हैं. इन तस्वीरों के आधार पर शाहनवाज के राजनीतिक संपर्कों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, किसी पार्टी से उसका औपचारिक पद या सदस्यता होना अलग से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता.
समझें, क्या है पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर 4 के पास शाहनवाज अपने दोस्त दानिश के साथ पहुंचा था. दोनों वहां चाय पीने आए थे. पीड़िता भी अपनी बुआ और बहन के साथ वहां पहुंची थी. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और इसी दौरान विवाद हुआ.
पीड़िता का कहना है कि उसने शाहनवाज को दूसरी लड़कियों के साथ देखा, जिसके बाद वह उससे बात करने के लिए रुकी. विवाद बढ़ने के बाद शाहनवाज कार लेकर वहां से निकलने लगा. पीड़िता ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि उसने कार आगे बढ़ा दी और युवती को टक्कर मार दी.
टक्कर के बाद युवती कार के बोनट पर जा गिरी और वाइपर पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करती रही. सामने आए वीडियो में भी युवती कार के आगे लटकी दिखाई दे रही है. पुलिस के मुताबिक, कार कुछ दूरी तक चलती रही और युवती सड़क पर गिर गई. इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया.
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इसमें युवती कार के बोनट पर दिखाई दे रही है, जबकि आसपास मौजूद लोग कार को रोकने की कोशिश करते नजर आते हैं. वीडियो में कुछ लोगों को कार पर पत्थर फेंकते हुए भी देखा जा सकता है.
इस मामले में गोमती नगर विस्तार थाने में पीड़िता की शिकायत पर शाहनवाज अली और दानिश के खिलाफ BNS की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास और धारा 352 के तहत FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है और कार भी कब्जे में ली गई है. पुलिस का कहना है कि घटना की पूरी कड़ी CCTV फुटेज, वीडियो, गवाहों के बयान और दूसरे सबूतों के आधार पर जांची जा रही है.
महिला आयोग पहुंची पीड़िता
मामले में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है. पीड़िता आयोग पहुंची, जहां उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने उससे पूरे मामले की जानकारी ली. अपर्णा यादव ने प्रथम दृष्टया इसे सिर्फ हिट एंड रन का मामला नहीं मानते हुए जबरन शादी के दबाव का आरोप भी सामने रखा. अपर्णा यादव ने मामले को 'लव जिहाद' से भी जोड़ा है.
अपर्णा यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मैं आपको भरोसा दिलाती हूं कि हमने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और अगर कानूनी प्रक्रिया में आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसे कानून के मुताबिक कड़ी सजा दी जाएगी. मुझे नहीं लगता कि उत्तर प्रदेश में लव जिहाद का यह पहला मामला है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने शुरुआत में खुद को हिंदू बताया था और महिला के साथ रिश्ते में आया था. मैं यह भी सुनिश्चित करूंगी कि इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी अन्य व्यक्ति को सज़ा मिले.'
आशीष श्रीवास्तव