शादी से पहले उठी अर्थी, लखनऊ अग्निकांड में निलेश-अनामिका की प्रेम कहानी का खौफनाक अंत

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में जान गंवाने वालों में निलेश और उनकी मंगेतर अनामिका सामंता भी शामिल थे. दोनों एक ही एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे और जल्द शादी करने वाले थे. रविवार को ही अनामिका के माता-पिता कोलकाता से आकर रिश्ते को अंतिम रूप देकर गए थे. हादसे ने दोनों की जिंदगी छीन ली. निलेश की मां और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

Advertisement
दोनों की शादी रविवार को तय हुई थी. Photo ITG दोनों की शादी रविवार को तय हुई थी. Photo ITG

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 23 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

लखनऊ के अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई. लेकिन इन 15 लोगों में एक ऐसा जोड़ा भी था जिनकी शादी होने वाली थी. लखनऊ के हजरतगंज के मार्टिनपुरवा में रहने वाला निलेश और उसी के साथ काम करने वाली कोलकाता की अनामिका सामंता की शादी होने वाली थी. दोनों एक साथ नौकरी करते थे. दोनों ने एक साथ जिंदगी बिताने के सपने देखे थे लेकिन सोमवार को हुए हादसे में दोनों की एक साथ जान ले ली.

Advertisement

निलेश की मां संतोषी देवी का रो रो कर बुरा हाल है. बड़ा भाई कहता है कि हम दोनों एक साथ नौकरी के लिए निकले थे शायद मेरा भाई मुझे आखरी बार कॉल नहीं कर पाया और मुझे भी तब पता चला जब टीवी और सोशल मीडिया पर खबरें चलने लगी. निलेश की छोटी बहन रोते हुए कहती है की भाई ने मम्मी पापा का यह स्केच बनाया था वह आर्टिस्ट था, दिनभर काम करता, रात में जिम करता था.

एनीमेशन के नए कैरक्टर बनाता था
सपना था बच्चों के लिए एनीमेशन के नए कैरक्टर बनाना और इसी में नौकरी कर रहा था, लेकिन अब वह भाई कभी लौटकर नहीं आएगा. पूरे परिवार पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि बेटा तो इस दुनिया से चला गया, निलेश के साथ काम करने वाली उसकी प्रेमिका, मंगेतर, होने वाली पत्नी कोलकाता की रहने वाली अनामिका की भी मौत हो गई. 

Advertisement

अनामिका लखनऊ में नीलेश के साथ एनीमेशन सेंटर में जॉब करती थी. बीते रविवार ही अनामिका के माता-पिता ने कोलकाता से आकर दोनों की शादी तय की थी. दोनों साथ में जीने के सपने देख रहे थे लेकिन इस हादसे ने दोनों को साथ में मौत दे दी.

चश्मदीद मोहम्मद आसिफ ने क्या बताया
इसी हादसे से बचकर निकले एक चश्मदीद मोहम्मद आसिफ ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई थी. उनके अनुसार, इमारत के भीतर धुआं और आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित रूप से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया.

आसिफ ने बताया कि वह अपने सहकर्मियों के साथ दूसरी मंजिल पर काम कर रहे थे, तभी एक वरिष्ठ कर्मचारी ने आकर बताया कि नीचे आग लग गई है और सभी को अपना काम बंद कर बाहर निकलना चाहिए. शुरुआत में किसी ने नहीं सोचा था कि आग इतना विकराल रूप ले चुकी है. लेकिन जैसे ही कर्मचारी बाहर निकलने के लिए आगे बढ़े, उन्होंने देखा कि पूरा दफ्तर धुएं से भर चुका है. निचली मंजिलों से उठ रही आग की लपटें ऊपर तक पहुंच रही थीं, जबकि गलियारा घने धुएं से ढक चुका था, जिससे लोगों को सांस लेने में भी भारी परेशानी होने लगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »