लखनऊ के अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई. लेकिन इन 15 लोगों में एक ऐसा जोड़ा भी था जिनकी शादी होने वाली थी. लखनऊ के हजरतगंज के मार्टिनपुरवा में रहने वाला निलेश और उसी के साथ काम करने वाली कोलकाता की अनामिका सामंता की शादी होने वाली थी. दोनों एक साथ नौकरी करते थे. दोनों ने एक साथ जिंदगी बिताने के सपने देखे थे लेकिन सोमवार को हुए हादसे में दोनों की एक साथ जान ले ली.
निलेश की मां संतोषी देवी का रो रो कर बुरा हाल है. बड़ा भाई कहता है कि हम दोनों एक साथ नौकरी के लिए निकले थे शायद मेरा भाई मुझे आखरी बार कॉल नहीं कर पाया और मुझे भी तब पता चला जब टीवी और सोशल मीडिया पर खबरें चलने लगी. निलेश की छोटी बहन रोते हुए कहती है की भाई ने मम्मी पापा का यह स्केच बनाया था वह आर्टिस्ट था, दिनभर काम करता, रात में जिम करता था.
एनीमेशन के नए कैरक्टर बनाता था
सपना था बच्चों के लिए एनीमेशन के नए कैरक्टर बनाना और इसी में नौकरी कर रहा था, लेकिन अब वह भाई कभी लौटकर नहीं आएगा. पूरे परिवार पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि बेटा तो इस दुनिया से चला गया, निलेश के साथ काम करने वाली उसकी प्रेमिका, मंगेतर, होने वाली पत्नी कोलकाता की रहने वाली अनामिका की भी मौत हो गई.
अनामिका लखनऊ में नीलेश के साथ एनीमेशन सेंटर में जॉब करती थी. बीते रविवार ही अनामिका के माता-पिता ने कोलकाता से आकर दोनों की शादी तय की थी. दोनों साथ में जीने के सपने देख रहे थे लेकिन इस हादसे ने दोनों को साथ में मौत दे दी.
चश्मदीद मोहम्मद आसिफ ने क्या बताया
इसी हादसे से बचकर निकले एक चश्मदीद मोहम्मद आसिफ ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई थी. उनके अनुसार, इमारत के भीतर धुआं और आग इतनी तेजी से फैली कि वहां मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित रूप से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया.
आसिफ ने बताया कि वह अपने सहकर्मियों के साथ दूसरी मंजिल पर काम कर रहे थे, तभी एक वरिष्ठ कर्मचारी ने आकर बताया कि नीचे आग लग गई है और सभी को अपना काम बंद कर बाहर निकलना चाहिए. शुरुआत में किसी ने नहीं सोचा था कि आग इतना विकराल रूप ले चुकी है. लेकिन जैसे ही कर्मचारी बाहर निकलने के लिए आगे बढ़े, उन्होंने देखा कि पूरा दफ्तर धुएं से भर चुका है. निचली मंजिलों से उठ रही आग की लपटें ऊपर तक पहुंच रही थीं, जबकि गलियारा घने धुएं से ढक चुका था, जिससे लोगों को सांस लेने में भी भारी परेशानी होने लगी.
संतोष शर्मा