उत्तर प्रदेश के चंदौली में बिहार में होने वाली शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने कार्रवाई की है. सैयदराजा थाना पुलिस ने नेशनल हाईवे-19 पर एक कंटेनर से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है. तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए शराब की पेटियों को कंटेनर के अंदर छिपाकर उनके ऊपर लकड़ी के बुरादे से भरी बोरियां रखी थीं.
पुलिस के मुताबिक, कंटेनर में अलग-अलग ब्रांड की 1185 पेटियां मिली हैं, जिनमें कुल 10 हजार 451 लीटर शराब पैक थी. इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है. यह पूरी खेप हरियाणा के पानीपत से बिहार ले जाई जा रही थी. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राजस्थान के रहने वाले कंटेनर चालक को गिरफ्तार किया है.
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दरअसल, सैयदराजा पुलिस नेशनल हाईवे-19 पर चेकिंग अभियान चला रही थी. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि महाराष्ट्र नंबर का एक बड़ा कंटेनर शराब की खेप लेकर बिहार की तरफ जा रहा है. सूचना के बाद सैयदराजा कोतवाली पुलिस ने स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई की और हाईवे पर संदिग्ध वाहन को रोक लिया.
बुरादे की बोरियां हटाईं तो खुला शराब तस्करी का राज
पुलिस टीम ने जब कंटेनर की तलाशी शुरू की तो उसमें लकड़ी के बुरादे से भरी बोरियां दिखाई दीं. पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि वाहन में यही सामान लदा हुआ है, लेकिन पुलिसकर्मियों ने जब बोरियों को हटाया तो उनके पीछे शराब की पेटियां मिलीं. कंटेनर के अंदर अलग-अलग ब्रांड की शराब बड़ी मात्रा में छिपाकर रखी गई थी.
इसके बाद पुलिस कंटेनर और चालक को सैयदराजा थाने ले आई. वहां शराब की पेटियां उतरवाई गईं और उनकी गिनती की गई. जांच में कुल 1 हजार 185 पेटियां बरामद हुईं, जिनमें 10 हजार 451 लीटर अवैध शराब थी. पूछताछ में चालक ने बताया कि वह इस कंटेनर को पानीपत से लेकर चला था और इसे बिहार पहुंचाना था.
पुलिस ने राजस्थान के रहने वाले ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अब जांच का फोकस उस नेटवर्क पर है, जो हरियाणा से शराब की खेप बिहार पहुंचाने में शामिल था. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे मुख्य रूप से कौन-कौन लोग हैं और शराब की डिलीवरी बिहार में किसे की जानी थी.
शराबबंदी के बावजूद नहीं थम रही बिहार में तस्करी
बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए करीब एक दशक से ज्यादा समय बीत चुका है. इसके बावजूद दूसरे राज्यों से वहां शराब पहुंचाने का सिलसिला लगातार जारी है. बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में पुलिस टीमें लगातार निगरानी और चेकिंग अभियान चलाती हैं. इस दौरान शराब की बड़ी-बड़ी खेप पकड़ी जाती रही हैं.
पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं. इस बार भी कंटेनर में शराब की पेटियों को सीधे नजर आने से बचाने के लिए उनके ऊपर लकड़ी के बुरादे की बोरियां रखी गई थीं. हालांकि, मुखबिर की सूचना और संयुक्त पुलिस कार्रवाई के चलते यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई.
चंदौली के एडिशनल एसपी विक्रम दहिया ने बताया कि थाना सैयदराजा क्षेत्र में अंतरराज्यीय शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ट्रक पकड़ा गया है. उसमें 1185 कैरेट शराब मिली है, जो करीब 10,451 लीटर है. इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक है. शराब को लकड़ी के बुरादे के बीच छिपाकर हरियाणा के पानीपत से बिहार ले जाया जा रहा था.
ड्राइवर से पूछताछ, नेटवर्क के बाकी लोगों की तलाश
एडिशनल एसपी के मुताबिक, पूछताछ में ट्रक चालक ने बताया कि वह वाहन को पानीपत से लेकर चला था और बिहार जाना था. पुलिस अब उसके बयान और बरामद सामग्री के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस के सामने अब यह भी पता लगाने की चुनौती है कि इतनी बड़ी खेप किसके इशारे पर भेजी गई थी और बिहार में इसे कहां पहुंचाया जाना था. फिलहाल ड्राइवर को जेल भेज दिया गया है, जबकि शराब तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे आरोपियों की तलाश जारी है.
उदय गुप्ता