UP में कांवड़ यात्रा शुरू, पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से पूरे प्रदेश पर नजर

उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 4 अगस्त से NH-58 पर भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू की जा रही है, जबकि यात्रा मार्ग पर शराब और मीट की दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.

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कांवड़ यात्रा को लेकर UP पुलिस अलर्ट (Photo-ITG) कांवड़ यात्रा को लेकर UP पुलिस अलर्ट (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में एक विशेष केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया किया गया है, जहां से पूरे प्रदेश में चल रही कांवड़ यात्रा की चौबीसों घंटे पल-पल की निगरानी की जा रही है. 

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इस हाई-टेक कंट्रोल रूम के माध्यम से राज्य के सभी संवेदनशील और प्रमुख कांवड़ मार्गों के साथ-साथ प्रमुख शिवालयों और सिद्धपीठों पर पैनी नजर रखी जा रही है. अत्याधुनिक तकनीक, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन कैमरों और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी. मार्ग में कहीं भी भीड़ का दबाव बढ़ने, ट्रैफिक जाम होने या किसी अप्रिय स्थिति की आशंका बनते ही कंट्रोल रूम में मौजूद तकनीक तुरंत अलर्ट जारी कर देती है.

कंट्रोल रूम से राज्य भर की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और ट्रैफिक डायवर्जन के प्लान की निरंतर समीक्षा की जाएगी.  तैनात अधिकारियों को तुरंत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके.

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हजारों जवानों की तैनाती

उत्तर प्रदेश पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह विवाद-मुक्त, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना है, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस, सिविल पुलिस और RAF के जवानों को मार्गों पर तैनात किया गया है. चाहे कांवड़ियों के लिए बनाए गए विश्राम शिविरों की सुरक्षा का मामला हो या फिर मार्ग में एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था हर पहलू पर केंद्रीय कंट्रोल रूम से सीधे नजर रखी जा रही है.  

कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगी. इस दौरान श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने गृहनगरों और जिलों के प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने जाते हैं. सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर 30 जुलाई से ही रोक लगा दी गई है, जबकि मुजफ्फरनगर जिले में दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे (NH-58) और गंगा नहर रोड पर 4 अगस्त से 12 अगस्त तक सभी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी,

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए अकेले मेरठ जोन में करीब 25,000 पुलिसकर्मी, 7,000 सीसीटीवी कैमरे और एआई (AI) सर्विलांस की व्यवस्था की गई है, साथ ही कांवड़ मार्गों से शराब और नॉन-वेज की दुकानों को पूरी तरह बंद करा दिया गया है.

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