उत्तर प्रदेश के झांसी में एक इंस्पेक्टर उस वक्त किसान नेता के लिए देवदूत साबित हुए, जब थाने में बातचीत के दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई. किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष और मिशन जागृति से जुड़े अरविंद कुमार मिश्रा उर्फ बाबू महाराज अचानक घबराहट महसूस करने के बाद बेहोश होकर गिर पड़े. स्थिति गंभीर देखते ही थाना प्रभारी ने तुरंत CPR देना शुरू कर दिया.
मामला गरौठा थाने का है, जहां बाबू महाराज मऊरानीपुर में प्रस्तावित किसान रैली और क्षेत्र में अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान के मुद्दे पर थाना प्रभारी से बातचीत करने पहुंचे थे. बातचीत के बीच उनकी हालत बिगड़ी और वह जमीन पर गिर गए. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उनकी मदद शुरू की.
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इंस्पेक्टर ने दिया CPR, दीवान ने की मदद
थाना प्रभारी ने किसान नेता की छाती पर दबाव बनाते हुए CPR दिया. वहीं, थाने के दीवान ने भी सांस देने में मदद की. इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें सरकारी वाहन से तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और हालत को देखते हुए उन्हें झांसी रेफर कर दिया. जानकारी मिलने पर परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए.
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामपुरा ने बताया कि बाबू महाराज उनके चाचा हैं. वह किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष होने के साथ मिशन जागृति के सदस्य भी हैं. उनके मुताबिक, गांव में अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान और मऊरानीपुर में होने वाली किसान रैली को लेकर बाबू महाराज थाने पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें अटैक जैसा पड़ा.
किसान नेता ने पुलिस टीम को कहा धन्यवाद
उपचार के बाद अरविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि वह किसान रैली के सिलसिले में गरौठा थाने पहुंचे थे. इंस्पेक्टर से किसान से जुड़े मुद्दों पर बातचीत चल रही थी, तभी अचानक उन्हें घबराहट हुई और वह बेहोश होकर गिर पड़े. उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी ने तत्काल CPR दिया और पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे.
बाबू महाराज ने कहा कि पुलिस की तत्परता और समय पर मिली मदद से उनकी जान बच सकी. उन्होंने गरौठा थाना प्रभारी समेत पूरी पुलिस टीम का आभार जताया. ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने भी थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में पुलिसकर्मियों ने तुरंत मदद की, जिससे बाबू महाराज को समय पर उपचार मिल पाया.
अजय झा