जालौन SDM रिंकू सिंह राही का तबादला, BJP ब्लॉक प्रमुख से विवाद के बाद कार्रवाई!

जालौन के एसडीएम और आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें उरई में न्यायिक एसडीएम बनाया गया है. यह फैसला बीजेपी ब्लॉक प्रमुख राम राजा सिंह निरंजन से विवाद और कर्मचारियों द्वारा उनके व्यवहार की शिकायत के बाद आया है. राही 2022 बैच के आईएएस हैं. 2009 में उन्होंने 80 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति-पेंशन घोटाले का खुलासा किया था.

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रिंकू सिंह राही का जालौन से ट्रांसफर कर दिया गया है. Photo ITG रिंकू सिंह राही का जालौन से ट्रांसफर कर दिया गया है. Photo ITG

aajtak.in

  • जालौन ,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

उत्तर प्रदेश के जालौन में तैनात आईएएस अधिकारी और एसडीएम रिंकू सिंह राही का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है. जिला मजिस्ट्रेट राजेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को जारी आदेश में राही को उरई में न्यायिक एसडीएम नियुक्त किया है. वहीं, उरई के न्यायिक एसडीएम राकेश कुमार सोनी को जालौन का नया एसडीएम बनाया गया है.

हालांकि तबादला आदेश में किसी कारण का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन यह फैसला 23 जून को बीजेपी के ब्लॉक प्रमुख राम राजा सिंह निरंजन के साथ हुए विवाद के कुछ दिनों बाद आया है.

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क्या था पूरा मामला?
23 जून को एक कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान एसडीएम रिंकू सिंह राही और बीजेपी ब्लॉक प्रमुख राम राजा सिंह निरंजन के बीच तीखी बहस हो गई थी. ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया था कि राही ने उन्हें थप्पड़ मारा और धक्का दिया. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे जिला प्रशासन को सौंपने का दावा किया गया था.

कर्मचारियों ने भी लगाए आरोप
इस विवाद के बाद सोमवार को जालौन तहसील के राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर रिंकू सिंह राही के व्यवहार को 'रुखा और अमानवीय' बताते हुए सामूहिक अवकाश की मांग की थी. हालांकि इन आरोपों पर राही की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

कौन हैं रिंकू सिंह राही?
रिंकू सिंह राही 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे करीब 45 दिन पहले ही जालौन के एसडीएम बनाए गए थे. इससे पहले उन्होंने 2004 में उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा पास की थी और 2008 में मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी बने थे.

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साल 2009 में उन्होंने 80 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का खुलासा किया था. भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के कारण उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी.

विवादों में रहे रिंकू 
जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए सफाई व्यवस्था को लेकर वकीलों से विवाद के बाद उनका कान पकड़कर उठक-बैठक करने का वीडियो वायरल हुआ था. इसके बाद उन्हें लखनऊ स्थित राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था.

मार्च 2026 में उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया था कि बिना जिम्मेदारी के सरकारी वेतन लेना भी भ्रष्टाचार का एक रूप है. हालांकि बाद में उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और उन्हें जालौन में एसडीएम के पद पर तैनाती दी गई थी. अब एक बार फिर उनका तबादला कर दिया गया है.

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