यूपी के औरैया में एक पति-पत्नी की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत हो गया. टीबी से बीमार ने पत्नी ने दम तोड़ा तो इस सदमे में कुछ ही घंटे बाद पति की सांसें भी उखड़ गईं. एक ही घर से दो अर्थियां उठीं. जिसने भी ये दृश्य देखा बिलख पड़ा. पूरे गांव में मातम का माहौल है. आइये जानते हैं ये दुखभरी कहानी...
'जी न सके साथ तो क्या, साथ मरेंगे'
आपको बता दें कि औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र (सहायल थाना क्षेत्र) अंतर्गत मधवापुर गांव में सोमवार शाम और मंगलवार सुबह एक दुखद हादसा सामने आया. चार साल से टीबी की बीमारी से ग्रसित 35 वर्षीय पिंकी की सोमवार शाम मौत हो गई.
मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान पत्नी की मांग में सिंदूर भरते समय 40 वर्षीय पति श्यामल दास को अचानक हार्ट अटैक आ गया. पत्नी के वियोग और सदमे के कारण श्यामल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना से दो मासूम बेटों के सिर से माता-पिता का हाथ उठ गया.
जानकारी के मुताबिक, पिंकी का कानपुर के प्राइवेट अस्पताल से इलाज चल रहा था. सोमवार शाम तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्होंने अंतिम सांस ली. श्यामल पूरी रात बेसुध रहे. मंगलवार सुबह जब गांव वाले और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे, तभी यह दर्दनाक घटना घटी. पत्नी को अंतिम विदाई देते वक्त पति का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. एक ही घर से दो अर्थियां उठते देख पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और सभी की आंखें नम हो गईं.
दो मासूमों पर टूटा दुखों का पहाड़
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया. श्यामल और पिंकी के चले जाने के बाद अब उनके दोनों मासूम बेटों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. गांव के लोगों ने शासन से मांग की है कि इस पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जाए.
सूर्य प्रकाश शर्मा