उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने जनसुनवाई के दौरान तहसील परिसर में फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया. जून 2026 में सामने आए इस मामले में विधायक ने एक शिकायतकर्ता की शस्त्र लाइसेंस पत्रावली आगे बढ़ाने के एवज में ₹4000 की रिश्वत लेने की बात पकड़ी. विधायक ने मौके से ही एसडीएम दीपक कुमार पाल और उनके स्टेनो जितेंद्र को वीडियो कॉल पर लेकर जमकर फटकार लगाई. इस हाई-प्रोफाइल सियासी और प्रशासनिक घटनाक्रम के बाद जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीएम सिकंदराबाद को तत्काल प्रभाव से हटाकर बुलंदशहर सदर तहसील में न्यायिक उपजिलाधिकारी के पद पर भेज दिया है.
विधायक का गुस्सा फूटा- 'तहसील बेच रखी है पूरी'
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में भाजपा विधायक लक्ष्मीराज सिंह भ्रष्टाचार को लेकर बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं. उन्होंने एसडीएम के स्टेनो को वीडियो कॉल पर लेकर सीधे शब्दों में कहा, "इलाज कर दूंगा तुम्हारा... 4 हजार रुपये लिए हैं तो 8 हजार वापस करो." विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने एसडीएम दीपक पाल को भी वीडियो कॉल पर लेकर साफ कह दिया कि पेशकार ने आपको बेच रखा है और पूरी तहसील बेच रखी है.
जनवरी 2025 का है पूरा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला जनवरी 2025 का है, जो नगला बंजारा गांव के रहने वाले पारसमणी नाम के व्यक्ति की शस्त्र लाइसेंस पत्रावली की संस्तुति से जुड़ा है. पार्टी से जुड़े देवेंद्र और पीड़ित ने जब विधायक से शिकायत की कि सत्ता में रहकर भी पैसे देने पड़ रहे हैं, तब विधायक ने यह कदम उठाया. इसके बाद प्रशासनिक महकमे और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में एसडीएम को उनके पद से हटा दिया गया.
जांच और बयान
मामले में घिरे एसडीएम दीपक कुमार पाल ने दावा किया कि शिकायतकर्ता प्रमोद राज सिंह ने लिखित बयान देकर स्टेनो को क्लीन चिट दी है. उनके मुताबिक, पीड़ित को तहसील के बाहर कोई ग्रामीण मिला था जिसने पैसे लिए. उधर शिकायतकर्ता प्रमोद का भी कहना है कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के जरिए लेनदेन किया था. हालांकि, विधायक लक्ष्मीराज सिंह अपनी जांच की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम के तबादले का आदेश जारी कर दिया.
मुकुल शर्मा