उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 15 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप किया गया. बताया जा रहा है कि दो लड़के नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और उसके साथ अलग-अलग जगहों पर गलत काम किया. फिर उसे गांव के बाहर जंगल में बेहोश छोड़कर फरार हो गए. इस मामले में एक्शन लेते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. उनके खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. घटना के बाद से नाबालिग काफी डरी हुई है.
यह पूरी घटना 29 जुलाई की बताई जा रही है. पीड़िता की मां ने 1 अगस्त को स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. तहरीर के अनुसार, गांव आदोपुर उर्फ आजमपुर का रहने वाला पारस पुत्र बलराज सिंह उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. आरोप है कि पारस सबसे पहले किशोरी को एक बाग में लेकर पहुंचा और वहां उसने उसके साथ गलत काम किया.
इसके बाद मामले में एक और युवक की एंट्री हुई. पारस ने अपने ही गांव के रहने वाले आसिफ पुत्र राशिद को फोन करके मौके पर बुलाया. इसके बाद दोनों आरोपी किशोरी को अपने साथ ले गए. वो उसे पहले चांदपुर लेकर गए और फिर वहां से नूरपुर-स्योहारा रोड पर स्थित एक मैरिज हॉल यानी शादी के मंडप में ले गए. वहां दोनों ने बारी-बारी से किशोरी के साथ गैंगरेप किया. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता को मुंह खोलने या किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी.
अगले दिन सुबह लगभग पांच बजे दोनों आरोपियों ने किशोरी को गांव के बाहर जंगल में फेंक दिया. उस वक्त किशोरी बेहद गंभीर और बेहोश हालत में थी. आरोपी उसे वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए. सुबह के समय जब रास्ते से कुछ स्थानीय लोग गुजर रहे थे, तो उनकी नजर जंगल में पड़ी बेहोश किशोरी पर पड़ी. लोगों ने बिना देरी किए उसे तुरंत नूरपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में इलाज के दौरान जब किशोरी को होश आया, तो उसने अपने साथ हुई इस दरिंदगी की पूरी कहानी परिजनों और पुलिस को बताई.
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई. नूरपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 270/2026 के तहत केस दर्ज कर लिया गया. यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 70(2), 351(3) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(जी) व 6 के अंतर्गत दर्ज की गई. आरोपियों की जल्द से जल्द धरपकड़ के लिए थाना स्तर पर एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई.
पुलिस टीम ने मामले की जांच तेज की और 2 अगस्त यानी रविवार को सफलता हासिल की. पुलिस ने नामजद दोनों आरोपियों पारस और आसिफ को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी करवाया है और मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है.
नूरपुर थाना प्रभारी परवेज कुमार ने दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मामले में नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि पीड़िता और उसके परिवार को पूरा न्याय दिलाया जाएगा और इसके लिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच जारी है.
ऋतिक राजपूत