चिकन करी में निकली मरी छिपकली, BHU के हॉस्टल मेस में छात्रों का फूटा गुस्सा

वाराणसी के बीएचयू के डालमिया हॉस्टल मेस में चिकन करी में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया. करीब 30 से 40 छात्र खाना खा चुके थे, जिसके बाद कई छात्रों ने उल्टी और मितली की शिकायत की. आक्रोशित छात्रों ने वार्डन का घेराव कर मेस व्यवस्था पर सवाल उठाए. प्रशासन ने मेस संचालक को हटाने और समस्याएं दूर करने का आश्वासन दिया है.

Advertisement
छात्रों ने खाया छिपकली वाला खाना?(Photo: Roushan Kumar/ITG) छात्रों ने खाया छिपकली वाला खाना?(Photo: Roushan Kumar/ITG)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:55 PM IST

वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के डालमिया हॉस्टल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मेस में परोसी गई चिकन करी में चिकन पीस की जगह मरी हुई छिपकली दिखाई पड़ी. इस घटना के सामने आते ही हॉस्टल में हड़कंप मच गया और खाना खा रहे छात्र असहज हो गए. कई छात्रों ने उल्टी और मितली की शिकायत भी की. देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र मेस के बाहर इकट्ठा हो गए और खाने की गुणवत्ता को लेकर विरोध शुरू कर दिया.

Advertisement

बताया गया कि करीब 30 से 40 छात्र उसी चिकन करी को खा चुके थे, जबकि कई अन्य छात्र मेस में बैठकर खाना खा रहे थे. जैसे ही छात्रों को जानकारी मिली कि चिकन करी में मरी हुई छिपकली मिली है, तो मेस में मौजूद छात्रों के बीच नाराजगी फैल गई. कुछ छात्रों ने तबीयत खराब होने और उल्टी-मितली जैसी समस्या होने की बात कही.

यह भी पढ़ें: वाराणसी नमो घाट मर्डर केस: बिना बैकग्राउंड वेरिफिकेशन रखे गए थे 'हत्यारे' गार्ड्स, सिक्योरिटी कंपनी का संचालक भी अरेस्ट

घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हो गया. मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम और हॉस्टल के वार्डन पहुंचे. इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने वार्डन का घेराव किया और मेस में खाने की गुणवत्ता समेत हॉस्टल की अन्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए.

Advertisement

छात्रों ने मेस व्यवस्था पर उठाए सवाल

काफी देर तक चले हंगामे और बातचीत के बाद छात्रों को शांत कराया गया. वार्डन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मेस संचालक को हटाने की कार्रवाई की जाएगी और हॉस्टल में व्याप्त अन्य समस्याओं को भी जल्द दूर किया जाएगा. इसके बाद छात्र शांत हुए.

इस दौरान छात्रों ने अधिकारियों को एक शिकायत पत्र भी सौंपा, जिसमें मेस की खराब व्यवस्था और हॉस्टल की अन्य समस्याओं का जिक्र किया गया. छात्रों का कहना था कि मेस में खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है और हॉस्टल में शुद्ध पेयजल का भी गंभीर संकट बना हुआ है.

मेस संचालक ने दी सफाई

छात्रों ने बताया कि छिपकली निकलने की खबर के बाद कई छात्रों को उल्टी होने लगी थी. हालांकि फिलहाल किसी छात्र की तबीयत ज्यादा खराब नहीं हुई है. घटना के बाद हॉस्टल में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा.

वहीं, मेस संचालक अरविंद चौरसिया ने सफाई देते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में काफी संख्या में छिपकलियां आ जाती हैं और संभवतः उन्हीं में से कोई एक खाने में गिर गई होगी. फिलहाल पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »