उत्तर प्रदेश के बांदा में सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाने वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है. बबेरू क्षेत्र के पिष्टा गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के इस वीडियो में बच्चे स्कूली ड्रेस पहनकर करीब दो फीट पानी में खड़े नजर आए. बताया गया कि 15 अगस्त को इसी जलभराव के बीच विद्यार्थियों ने ध्वजारोहण किया और देशभक्ति के नारे लगाए.
वीडियो में बच्चे पानी के बीच तिरंगे के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं. दावा है कि उन्होंने राष्ट्रगान किया, भारत माता की जय के नारे लगाए और अमर शहीदों को नमन किया. वहीं, विद्यालय के शिक्षक अपेक्षाकृत सूखी जगह पर खड़े होकर कार्यक्रम में शामिल नजर आए. फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सवाल किए.
यह भी पढ़ें: बाथरूम जाना है... इतना कहकर पुलिस को चकमा दिया और फरार हो गया आरोपी, बांदा कोर्ट में हड़कंप
लोगों का कहना था कि आजादी के 80 साल बाद भी बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में स्वतंत्रता दिवस मनाना पड़ रहा है. उनका आरोप था कि स्कूल की समस्या की ओर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं गया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा. इसके बाद जिलाधिकारी अमित आसेरी ने तत्काल संज्ञान लिया.
वायरल वीडियो के बाद हरकत में आया प्रशासन
DM ने मुख्य विकास अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच कराई. अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई. जांच में सामने आई जरूरतों के आधार पर स्कूल परिसर और वहां पहुंचने वाले रास्ते की समस्याओं को दूर करने का फैसला लिया गया. सबसे पहले जलनिकासी की व्यवस्था कराई गई, जिससे परिसर में जमा पानी हटाया जा सके.
डीएम ने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के आने-जाने के लिए सड़क की व्यवस्था बेहतर की जाए. इसके अलावा स्कूल का मैदान जिस लो-लैंड क्षेत्र में बना है, उसे मिट्टी डालकर ऊंचा कराने के निर्देश भी दिए गए. प्रशासन की ओर से बताया गया कि परिसर से जुड़ी अन्य समस्याओं का भी समाधान कराया जाएगा.
इसी क्रम में स्कूल में सुधार का काम शुरू हो गया है. स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते और नीची जमीन को ऊंचा करने के लिए काम कराया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य यह है कि बच्चों को आने-जाने और स्कूल की गतिविधियों के दौरान जलभराव जैसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
‘जेन-अल्फा’ की तस्वीर ने उठाए सवाल
बांदा की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब बुंदेलखंड में नई पीढ़ी यानी ‘जेन-अल्फा’ अपने अधिकारों और बेहतर सुविधाओं को लेकर आवाज उठा रही है. वायरल वीडियो ने सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति और बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर बहस छेड़ दी है.
सरकार सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने और सुविधाएं बढ़ाने के लिए योजनाएं चला रही है. ऐसे में स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि योजनाओं और आदेशों के बावजूद पिष्टा के स्कूल में जलभराव की समस्या क्यों बनी रही. वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके पर अधिकारियों को भेजकर स्थिति का जायजा कराया.
DM ने कहा- जरूरत के मुताबिक कराया जाएगा काम
जिलाधिकारी अमित आसेरी की ओर से बताया गया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया. इसके बाद CDO और BSA को जांच के लिए मौके पर भेजा गया. रिपोर्ट मिलने के बाद स्कूल की आवश्यकताओं के अनुसार काम कराया जा रहा है.
DM के मुताबिक, विद्यालय तक आने-जाने वाली सड़क को दुरुस्त किया जाएगा और स्कूल का मैदान लो-लैंड होने के कारण उसे मिट्टी डालकर ऊंचा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्कूल से जुड़ी जो भी अन्य समस्याएं सामने आएंगी, उनका भी निस्तारण कराया जाएगा. प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब बच्चों के लिए स्कूल परिसर को बेहतर बनाने का काम शुरू हो चुका है.
सिद्धार्थ गुप्ता