रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. इसी अवधि में मिलावटखोर नकली या खराब गुणवत्ता वाले मावे और पनीर को बाजार में खपाने की कोशिश करते हैं. इसी आशंका को देखते हुए बागपत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले में अभियान चलाया.
अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग इलाकों में मावे की भट्टियों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. इस दौरान तैयार किए जा रहे मावे और पनीर की गुणवत्ता परखी गई. टीम ने कई स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है.
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400 किलो मावा पकड़कर कराया नष्ट
कार्रवाई के दौरान करीब 400 किलो मावा पकड़ा गया. इसके अलावा विभिन्न स्थानों से संदिग्ध पनीर भी बरामद हुआ. जांच में जो खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, उसे बाजार में पहुंचने से पहले ही नष्ट करा दिया गया.
खाद्य विभाग की टीम ने कुछ जगह खराब और संदिग्ध मावे तथा पनीर को गड्ढा खोदकर जमीन में दबवाया. वहीं जिन सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जांच जरूरी थी, उनके सैंपल सुरक्षित किए गए. इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि उनकी वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाया जा सके.
त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले हुई इस कार्रवाई से मावा और पनीर का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया. विभाग की टीम ने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. बाजार में मिलावटी सामग्री की बिक्री रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही गई है.
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के असिस्टेंट कमिश्नर डीपी सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के मद्देनजर मावे की भट्टियों पर कई स्थानों पर छापेमारी की गई. इस दौरान करीब 400 किलो मावा और अलग-अलग जगहों से पनीर पकड़ा गया. मानकों पर खरा नहीं उतरने वाली सामग्री को नष्ट कराया गया है.
डीपी सिंह के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. विभाग की नजर उन प्रतिष्ठानों पर भी रहेगी, जहां से मिलावट या घटिया खाद्य सामग्री की शिकायत अथवा संदेह सामने आता है.
खाद्य विभाग की कार्रवाई का मकसद त्योहारों के दौरान लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाना है. अधिकारियों की इस मुहिम से संकेत साफ है कि त्योहारों में बढ़ती मिठाइयों की मांग का फायदा उठाकर मिलावटी मावा या पनीर बाजार में उतारने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी.
मनुदेव उपाध्याय