यूपी: दो पुजारी, पत्नी और बेटे का हत्यारा एनकाउंटर में ढेर, 8 घंटे बाद खत्म हुआ आजमगढ़ में बंधक संकट

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी, दो पुजारियों और अपने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने अपने बच्चों को घर में ही बंधक बना लिया था. करीब 8 घंटे तक चले बंधक संकट का आखिर खूनी अंत हुआ. पुलिस ने आरोपी अरविंद सिंह को एनकाउंटर में मार गिराया है.

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पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में हत्यारे को मार गिराया. (Photo: ITG) पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में हत्यारे को मार गिराया. (Photo: ITG)

संतोष शर्मा / राजीव कुमार

  • लखनऊ,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:43 AM IST

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपनी पत्नी, दो पुजारियों और अपने ही बेटे की हत्या करने वाले हत्यारे का खूनी अंत हो गया है. करीब 8 घंटे चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पुलिस ने आरोपी अरविंद सिंह को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है.

वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 7 घंटे तक लगातार मान-मनौवल करने के बावजूद आरोपी अरविंद सिंह बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ और सुबह तक इंतजार करने की बात कहता रहा.

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पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी जब आरोपी नहीं माना, तो अचानक घर के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. आरोपी ने अपने 10 साल के बेटे को गोली मार दी थी. गोली की आवाज सुनते ही पुलिस की टीम ने कोई जोखिम न लेते हुए स्टेन ग्रेनेड और टियर गैस का इस्तेमाल कर घर में फोर्स एंट्री ली.

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मौत

पुलिस को अंदर आता देख सनकी आरोपी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और 6 राउंड गोलियां चला दीं. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी अरविंद सिंह बुरी तरह घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई.

चार की हत्या और बच्चों को बंधक बनाने की खौफनाक दास्तान

आरोपी अरविंद सिंह ने पहले तो अपनी पत्नी, घर आए दो पुजारियों और फिर अपने मासूम बेटे को मौत के घाट उतार दिया. फिर बंधक बनाए गए बच्चों में आरोपी अपने सबसे छोटे बेटे को हाथ में लिए हुए था. हाथ से बच्चा छूटने पर जब वो घायल हो गया, तो आरोपी ने अपनी बेटी को गनपॉइंट पर ले लिया था.

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एडीजी नवीन अरोड़ा ने बताया कि पुलिस की सूझबूझ और बेहतरीन ट्रेनिंग के कारण इस खौफनाक ऑपरेशन में तीनों मासूम बच्चों की जान बचा ली गई. घायल बेटे को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. बाकी दोनों बच्चे लंबे समय तक बंधक रहने के कारण डिहाइड्रेशन, भूख-प्यास और भारी ट्रॉमा में थे.

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