'DGP कम बोलें, CM योगी को जवाब देना चाहिए...', अखिलेश ने दोहराया पुलिस पोस्टिंग में जातिगत भेदभाव का मुद्दा

akhilesh yadav news: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में पुलिस पोस्टिंग में जातिगत भेदभाव के आरोप दोहराए और कहा कि डीजीपी के बजाय मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए. उन्होंने सरकारी वेबसाइटों से लिए गए आंकड़ों के हवाले से भेदभाव का सबूत दिया. अग्निपथ योजना, संविदा नौकरियां और शिक्षा के निजीकरण पर भी उन्होंने सरकार को घेरा.

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फाइल फोटो फाइल फोटो

कुमार अभिषेक / समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 22 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 7:48 PM IST

उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार द्वारा पुलिस विभाग में जातिगत आधार पर पोस्टिंग के आरोपों को 'बेबुनियाद और भ्रामक' बताने के एक दिन बाद समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को इन आरोपों को फिर से दोहराया. अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'डीजीपी साहब को कम बोलना चाहिए, कम से कम मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए. हमने तो अभी सिर्फ कुछ जिलों का ही हाल बताया है.'

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उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम है कि वह अन्याय पर सवाल उठाए और वह यही कर रहे हैं. PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के साथ हो रहे अन्याय को उजागर कर रहे हैं.

योगी सरकार पर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि वह सरकारी नौकरियों में वंचित वर्गों के साथ भेदभाव कर रही है. उन्होंने दावा किया कि उनके द्वारा दिखाया गया डेटा यूपी पुलिस की एसटीएफ और प्रयागराज, चित्रकूट, महोबा और आगरा जैसे जिलों के थानों की वेबसाइट से लिया गया है.

'पुलिस पोस्टिंग के आंकड़ों को छिपा रही सरकार'
अखिलेश ने कहा, 'ये आंकड़े मेरे बनाए हुए नहीं हैं, ये सरकारी वेबसाइटों से लिए गए हैं,' मीडिया को दस्तावेज़ व स्क्रीनशॉट दिखाए जाएं. उन्होंने सरकार पर पुलिस पोस्टिंग के आंकड़ों को छिपाने और गलत तरीके से प्रस्तुत करने का भी आरोप लगाया. अखिलेश ने कहा, 'कुछ गैर-मैदानी थानों को शामिल करके आंकड़े बढ़ाए जा रहे हैं.'

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अखिलेश यादव ने 'अग्निपथ योजना' और संविदा पर आधारित नौकरियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'अग्निवीर योजना में स्थायी नौकरी नहीं मिलती और शिक्षा मित्र, आशा वर्कर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ भी भेदभाव हो रहा है.' उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और बढ़ती फीस पर भी चिंता जताई और कहा कि यह गांव के गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की साजिश है.

भाजपा का पलटवार
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस में जातिगत भेदभाव को लेकर उठाए गए सवालों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा पलटवार किया है. भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश पर जातीय उन्माद फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वह झूठ बोलकर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं.

'क्या मुलायम सिंह यादव भी ठाकुर थे?'
त्रिपाठी ने तंज कसते हुए पूछा, 'क्या मुलायम सिंह यादव भी ठाकुर थे?' उन्होंने कहा कि अखिलेश सिर्फ जातिगत भावनाएं भड़का कर सस्ती राजनीति करना चाहते हैं. भाजपा प्रवक्ता ने कहा, 'थानों में पोस्टिंग को लेकर जो झूठ बोला गया, उसका पर्दाफाश उत्तर प्रदेश पुलिस ने खुद कर दिया है.' उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव प्रखर हिंदुत्व से घबरा गए हैं और हिंदुओं की एकता को जातियों में बांटने की साजिश कर रहे हैं.

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उन्होंने आगे कहा कि देश का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन कुंभ इसका उदाहरण है, जहां '66 करोड़ से अधिक हिंदू बिना किसी जातिगत भेदभाव के एक साथ शामिल हुए.'

त्रिपाठी ने दावा किया कि अखिलेश का सपना हिंदुओं को बांटने का है, लेकिन वह कभी पूरा नहीं होगा. उन्होंने कहा, 'हिंदुओं की एकजुटता को तोड़ना आसान नहीं है. जनता अब समझ चुकी है कि अखिलेश सिर्फ तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं.' भाजपा का यह बयान ऐसे समय आया है जब अखिलेश यादव ने हाल ही में पुलिस विभाग में 'जाति आधारित पोस्टिंग' का आरोप लगाते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया था. इसके जवाब में पुलिस विभाग ने उनके दावों को खारिज करते हुए उन्हें 'झूठा और भ्रामक' बताया था.

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