'साइकिल की रफ्तार जोरदार क्योंकि ये है E20 से आजाद' Ethanol ब्लेंडेड पेट्रोल पर अखिलेश का तंज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने E20 पेट्रोल पॉलिसी पर 'साइकिल' वाले मीम से तंज कसते हुए कहा- 'साइकिल की रफ्तार जोरदार है क्योंकि E20 से आजाद है.' उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडिंग को 'सरकारी मिलावट' और मुनाफाखोरी करार दिया. अखिलेश का आरोप है कि इससे गाड़ियों की माइलेज, इंजन लाइफ घट रही है और खाद्य महंगाई व पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है.

Advertisement
सपा प्रमुख अखिलेश यादव. (Photo: PTI) सपा प्रमुख अखिलेश यादव. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • लखनऊ ,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी पर अपने ही अंदाज में तंज कसा है. उन्होंने 'एक्स' पर अपनी पार्टी के सिंबल की फोटो शेयर करते हुए लिखा- 'साइकिल की रफ्तार जोरदार है क्योंकि E20 से आजाद है.' उनके इस पोस्ट पर हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ चुके हैं जिसमें पार्टी समर्थक साइकिल चलाने के फायदे गिना रहे हैं. वहीं, इस नए नियम की कड़ी आलोचना कर रहे हैं.  

Advertisement

आपको बता दें कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20 ब्लेंडिंग) को लेकर देश भर में  विवाद छिड़ा हुआ है, जिसमें कम माइलेज, गाडी के इंजन में खराबी जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं. इसको लेकर सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच बहस तेज हो गई है. इसी बीच में अखिलेश यादव ने एक मीम शेयर किया जिसमें एक साइकिल है और कैप्शन है कि इसकी स्पीड इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह "E20 से फ्री" है.

इस पोस्ट में विज़ुअल सटायर का इस्तेमाल करके सरकार की E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल पॉलिसी पर तंज कसा गया है. यह मीम फ्यूल कॉस्ट, गाड़ी की परफॉर्मेंस और इथेनॉल ब्लेंडिंग को लागू करने पर तीखा कटाक्ष है. 

इथेनॉल पेट्रोल पर बोले अखिलेश: मुनाफाखोरी का नया नाम है 'सरकारी मिलावट'

इससे पहले भी अखिलेश इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर चुके हैं. उन्होंने बीते दिनों उन्होंने मर्सिडीज द्वारा E25 पेट्रोल को लेकर जल्दबाजी न करने के अनुरोध का हवाला देते हुए उन्होंने इथेनॉल को मुनाफाखोरी का नया नाम और 'सरकारी मिलावट' का ट्रिपल-मिश्रण बताया था, जिसमें सरकार, इथेनॉल निर्माताओं और तेल कंपनियों की साझेदारी है.

Advertisement

गाड़ियों की माइलेज और मेंटेनेंस पर असर

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदूषण और आयात बिल घटाने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार गाड़ियों की गिरती माइलेज, स्टार्टिंग की समस्या और इंजन में जंग लगने की सच्चाई छुपा रही है. इससे मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है, गाड़ियों की रीसेल वैल्यू घट रही है और बीमा कंपनियों को क्लेम न देने का एक और बहाना मिल गया है.

खाद्य महंगाई और पर्यावरण की चिंता

उन्होंने चेतावनी दी कि खाने-पीने की चीजों से फ्यूल बनाने से खाद्य महंगाई बढ़ेगी. इसके अलावा, इथेनॉल बनाने में पानी की भारी खपत से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा. सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि चंद मुनाफाखोरों के फायदे के लिए जनता का शोषण क्यों किया जा रहा है?

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »