आगरा से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो रोंगटे खड़े कर देगी. इस कहानी से पर्दा डेढ़ महीने बाद उठा है. यहां एक महिला ने अपने पति का कत्ल कर दिया. फिर बाथरूम में गड्ढा खुदवाकर उसमें दफन कर दिया. मिस्त्री बुलाकर ऊपर से नया फर्श तैयार करा दिया. जब पत्नी से पूछा गया तो वो कहती रही कि वो कहीं गए हैं, आ जाएंगे. 45 दिनों तक गुमशुदगी का मामला बना रहा, लेकिन पुलिस जांच और परिवार के शक के बाद ऐसा खुलासा हुआ जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया.
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र की रेणुका धाम कॉलोनी में रहने वाले 44 साल के सुरेंद्र शर्मा 18 मई से लापता बताए गए. आठ दिन बाद 26 मई को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई. घरवाले रिश्तेदारों के यहां फोन कर रहे थे. जान-पहचान वालों से पूछताछ हो रही थी. लेकिन सुरेंद्र का कहीं कोई सुराग नहीं मिला.
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इस बीच उनकी पत्नी रूबी शर्मा हर किसी से लगभग एक ही बात कह रही थी- वो कहीं गए हैं, वापस आ जाएंगे. करीब 45 दिन तक यही कहानी चलती रही. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ बातें मेल नहीं खा रही थीं. दूसरी तरफ सुरेंद्र के भाई अनिल शर्मा भी अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहे थे. उन्हें पत्नी के बयानों पर शक होने लगा था.
उधर पुलिस भी एक दूसरे मामले के वेरीफिकेशन के सिलसिले में दोबारा घर पहुंची. पूछताछ हुई तो अधिकारियों को पत्नी का व्यवहार संदिग्ध लगा. इसके बाद घर की बारीकी से तलाशी लेने का फैसला किया गया. यहीं से कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की थी.
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर घर के बाथरूम पर गई. फर्श देखकर शक हुआ. फैसला हुआ कि इसे तोड़ा जाए. सीमेंट हटाया गया. नीचे मिट्टी दिखाई दी. और फिर... गड्ढे से सुरेंद्र शर्मा का शव बरामद हुआ. जिस व्यक्ति को परिवार डेढ़ महीने से तलाश रहा था, वह उसी घर के बाथरूम के नीचे दफन मिला. यह खुलासा पूरे इलाके के लिए किसी झटके से कम नहीं था. देखते ही देखते आसपास के लोग मौके पर जुट गए.
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अब आते हैं उस हिस्से पर, जिसने सबसे ज्यादा चौंकाया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी पत्नी ने बताया कि घटना से पहले ही बाथरूम में काम कराने की तैयारी कर ली गई थी. मिस्त्री और मजदूर बुलाए गए थे. आरोप है कि बाद में हत्या के बाद शव को गड्ढे में दफनाया गया और ऊपर से दोबारा सीमेंट डालकर फर्श बना दिया गया, ताकि किसी को शक न हो.
इसका मतलब यह कि हत्या के बाद सबूत छिपाने की तैयारी पहले से की गई थी. हालांकि पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कर रही है.
पड़ोसियों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता था. किसी ने बताया कि शराब पीने के बाद विवाद होता था. किसी ने कहा कि कई बार समझाने गए, लेकिन दोनों ही कहते थे कि ये हमारा घरेलू मामला है. धीरे-धीरे कॉलोनी के लोगों ने भी उनके झगड़ों में दखल देना बंद कर दिया. लेकिन शायद किसी ने यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वही घर इतनी बड़ी वारदात का सेंटर बन जाएगा.
भाई का शक कैसे सच निकला?
मृतक के भाई अनिल शर्मा का कहना है कि उन्हें लगातार लग रहा था कि कुछ छिपाया जा रहा है. उन्होंने बैंक से जुड़े रिकॉर्ड देखे, सवाल पूछे और पत्नी से बार-बार बात करने की कोशिश की. उनके मुताबिक, आखिरकार उन्हें घर बुलाया गया. जब उन्होंने पूछा कि सुरेंद्र कहां हैं, तो कथित तौर पर जवाब मिला कि घर में हैं. उन्होंने फिर पूछा- कहां? और तब जवाब मिला- बाथरूम की फर्श के नीचे. यहीं से पूरा मामला खुल गया.
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस पूरी घटना में सिर्फ एक व्यक्ति शामिल था या किसी और ने भी मदद की? अगर बाथरूम में काम हुआ, तो मिस्त्री और मजदूर किस जानकारी के साथ वहां पहुंचे थे? क्या उन्हें सिर्फ मरम्मत का काम बताया गया था, या उन्हें असलियत की जानकारी थी? हत्या कब हुई? किस तरह हुई? शव कितने दिन तक वहीं रहा? इन सभी सवालों के जवाब जांच में सामने आएंगे.
फिलहाल आरोपी पत्नी पुलिस हिरासत में है. शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है. पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह, साजिश की पूरी कड़ी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
अरविंद शर्मा