आगरा DRM ऑफिस में सनसनी: कुर्सी पर मिला AOM अभिषेक सिंह का शव, सुसाइड नोट में लिखी थी ये बात

आगरा रेल मंडल में असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह का शव उनके डीआरएम कार्यालय की कुर्सी पर संदिग्ध हालत में मिला. मुंह से झाग और गोलियां बरामद होने से मामला आत्महत्या का लग रहा है. पत्नी आस्था और मां सुशीला देवी ने सीनियर अधिकारी पर छुट्टी न देने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया है. वहीं, पुलिस को मिले सुसाइड नोट में मृतक ने याददाश्त कमजोर होने का जिक्र करते हुए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है.

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असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह की मौत (Photo- ITG) असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह की मौत (Photo- ITG)

अरविंद शर्मा

  • आगरा ,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

Uttar Pradesh News: आगरा रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब असिस्टेंट ऑपरेशंस मैनेजर (AOM) अभिषेक सिंह का शव उनके ही कार्यालय कक्ष में कुर्सी पर मृत अवस्था में बरामद हुआ. मृतक की मां और पत्नी ने सीनियर अवसर पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेसिंक टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई में जुटी रही. शुरुआती तौर पर मामले को आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है. मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है. 

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​घटनाक्रम और परिवार की तलाश

मृतक अधिकारी के परिजनों के मुताबिक, अभिषेक सिंह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे थे. रविवार की सुबह वह सामान्य रूप से दफ्तर आए थे, और दोपहर करीब तीन बजे घर गए थे. घर से लौटते वक्त वह अपने साथ एक डायरी लेकर कार्यालय पहुंचे थे, जिसके बाद वह वापस घर नहीं लौटे. रात लगभग नौ बजे तक जब उनका कोई अता-पता नहीं चला और फोन स्विच ऑफ मिला, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. इसके बाद खोजबीन करते हुए परिजन रात करीब 10 बजे कार्यालय पहुंचे, जहां उनका चैंबर खोलने पर अभिषेक अपनी कुर्सी पर मृत पाए गए. मौके पर उनके मुंह से झाग निकलता हुआ देखा गया और पास ही कुछ गोलियां भी पड़ी हुई थीं.

​पत्नी और मां के गंभीर आरोप

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इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है. मां सुशीला देवी और पत्नी आस्था का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक की मां का कहना है कि उसका सीनियर अधिकारी उसे टॉर्चर कर रहा था. छुट्टी नहीं देता था. इस घटना के बाद सदमे में आईं मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.

​पत्नी आस्था ने आरोप लगाया है कि करीब चार महीने पहले ही अभिषेक का ट्रांसफर प्रयागराज से आगरा हुआ था. सीनियर अधिकारी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और रोजाना टॉर्चर किया जाता था. पत्नी का कहना है कि अभिषेक काम को समझने की बात कहकर थोड़ा वक्त मांगते थे, लेकिन सीनियर अधिकारी उन्हें "जिंदगी खराब कर देने" की धमकी देते थे. परिजनों का कहना है कि इसी मानसिक दबाव और उत्पीड़न के कारण उन्होंने यह कदम उठाया.

पुलिस का बयान 

इस संबंध में फोन पर हुई बातचीत में थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है. सुसाइड नोट में मृतक ने लिखा है कि मेरी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है. सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी याददाश्त लगातार कमजोर होने का भी जिक्र किया है. पिता की मौत कभी जिक्र सुसाइड नोट में किया गया है. थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया है कि मृतक के परिजन की तरफ से एक तहरीर प्राप्त हुई है जिस पर जांच की जा रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. 

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