सोचिए, आपने अभी-अभी फ्लाइट में सीट बेल्ट बांधी हो, विमान ने उड़ान भरी हो और अचानक जोरदार धमाके के साथ आपकी सीट के पास की खिड़की टूट जाए. तेज हवा का दबाव आपको विमान से बाहर खींचने लगे और आपका आधा शरीर हवा में लटक जाए.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीस से जर्मनी जा रही एक रयानएयर की फ्लाइट में 61 साल के एक यात्री के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. यह हादसा इतना भयावह था कि शख्स सदमे में चला गया. 10 जुलाई को सर्बिया के कारोबारी ल्यूबिशा कारोविच ग्रीस से जर्मनी जा रही रयानएयर की फ्लाइट में सफर कर रहे थे.
उनकी सीट 11F थी, जो खिड़की के पास थी. टेक ऑफ के कुछ ही देर बाद अचानक उनकी सीट के पास लगी खिड़की का शीशा टूट गया. इसके बाद केबिन का एयर प्रेशर तेजी से गिरा और तेज हवा के दबाव ने उन्हें खिड़की की ओर खींच लिया.
कारोविच के मुताबिक, उन्हें सबसे ज्यादा उस जोरदार धमाके की आवाज याद है. उन्होंने कहा कि जब भी मैं आंखें बंद करता हूं, वही धमाके की आवाज कानों में गूंजने लगती है. उसके बाद क्या हुआ, मुझे बहुत कम याद है.
आधा शरीर विमान के बाहर चला गया
कारोविच के वकील वासिलिस त्सियारास के अनुसार, केबिन का दबाव खत्म होते ही कारोविच का सिर और दायां हाथ खिड़की से बाहर निकल गया। उस समय विमान करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर था और लगभग 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहा था. वकील ने कहा कि वह मौत के बेहद करीब पहुंच गए थे. ऐसा लग रहा था कि अब उनका बचना मुश्किल है.
सीट बेल्ट बनी जिंदगी की सबसे बड़ी ढाल
हादसे में कारोविच की दाईं बांह, बगल और सीने के हिस्से में गंभीर चोटें और जलने जैसे निशान आए. उनके सिर और गर्दन में भी चोट लगी. डॉक्टरों ने उन्हें अगले छह हफ्तों तक नेक ब्रेस पहनने की सलाह दी है. इसके बाद तय होगा कि सर्जरी की जरूरत पड़ेगी या नहीं.
कारोविच का मानना है कि अगर उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई होती तो शायद वह विमान से बाहर गिर जाते. उन्होंने कहा कि शायद सीट बेल्ट ने मेरी जान बचाई या फिर यह किस्मत थी. मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि आज जिंदा हूं.
पत्नी और यात्रियों ने बचाई जान
हादसे के वक्त कारोविच की पत्नी स्वेतलाना उनसे तीन पंक्ति पीछे बैठी थीं. धमाका सुनते ही वह दौड़कर उनके पास पहुंचीं. उन्होंने बताया कि उनके पति करीब डेढ़ से दो मिनट तक आधे विमान के अंदर और आधे बाहर लटके रहे.
स्वेतलाना का कहना है कि उस समय दूसरे यात्रियों ने मिलकर उनके पति को अंदर खींचा. एक यात्री ने पहले बैग से टूटी खिड़की को बंद करने की कोशिश की, लेकिन बैग हवा में बाहर निकल गया. इसके बाद उसने एक सूटकेस खिड़की के सामने लगाया, जिससे तेज हवा का दबाव कुछ हद तक कम हुआ.उन्होंने कहा कि हम उस यात्री के हमेशा आभारी रहेंगे. अगर उसने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो शायद आज मेरे पति हमारे साथ नहीं होते.
कारोविच के वकील का आरोप है कि हादसे के दौरान केबिन क्रू सदमे में था और यात्रियों ने ही कारोविच की मदद की. उनका कहना है कि कारोविच कई बार बेहोश हुए, लेकिन उस दौरान क्रू की ओर से तुरंत कोई मदद नहीं मिली.
हालांकि, रयानएयर ने इन आरोपों से इनकार किया है. एयरलाइन का कहना है कि विमान का केबिन प्रेशर खत्म होने पर सुरक्षा नियमों के तहत सभी यात्रियों और क्रू को अपनी सीट पर बैठकर ऑक्सीजन मास्क लगाना होता है. विमान जब सुरक्षित ऊंचाई पर पहुंच गया, तब केबिन क्रू ने कारोविच को उनकी पत्नी के पास दूसरी सीट पर बैठाया और विमान में मौजूद एक डॉक्टर से उनका इलाज करवाया. साथ ही, विमान के वापस ग्रीस के थेसालोनिकी एयरपोर्ट पर उतरते ही मेडिकल टीम पहले से तैयार थी.
अभी तक नहीं मिली कोई मदद
कारोविच के बेटे, जिसने टिकट बुक किया था, उससे रयानएयर ने संपर्क किया है. लेकिन कारोविच और उनकी पत्नी का कहना है कि एयरलाइन ने अब तक उनसे सीधे बात नहीं की और न ही किसी तरह की मदद या सहयोग दिया.
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कारोविच कहते हैं कि उस धमाके की आवाज और हादसे की तस्वीरें आज भी दिमाग में घूमती रहती हैं. मैं बस पूरी तरह ठीक होना चाहता हूं और हां, इस हादसे के लिए मुआवजा भी मिलना चाहिए. सिर्फ फ्लाइट दोबारा बुक करने वाले ईमेल भेज देना काफी नहीं है.
हादसे की जांच अब अमेरिका करेगा
इस घटना की जांच पहले ग्रीस में शुरू हुई थी, लेकिन अब अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) भी ग्रीस के अनुरोध पर इस मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाल रहा है. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान की खिड़की आखिर कैसे टूट गई और इतना गंभीर हादसा क्यों हुआ.
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