कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी सीख किसी मशहूर शख्स से नहीं, बल्कि आम लोगों से मिल जाती है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें इंडिगो के एक कर्मचारी ने अपनी मुस्कान, आत्मविश्वास और काम के प्रति समर्पण से हजारों लोगों का दिल जीत लिया.
वीडियो को इंस्टाग्राम पर अमन सिंह ने शेयर किया है. इसमें एयरपोर्ट के बैगेज चेक-इन काउंटर पर तैनात इंडिगो कर्मचारी अफजल नजर आते हैं. अफजल सुन और बोल नहीं सकते, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यात्री की सेल्फ चेक-इन प्रक्रिया इतनी सहजता से पूरी कराई कि उसे कहीं भी कोई दिक्कत नहीं हुई.
अफजल ने अपनी यूनिफॉर्म पर एक बैज लगाया हुआ था, जिस पर लिखा था कि मैं सुन या बोल नहीं सकता, लेकिन आपकी मदद करके मुझे खुशी होगी. पूरे समय वह मुस्कुराते हुए यात्रियों की मदद करते दिखाई दिए.
'आज प्रेरणा किसी करोड़पति से नहीं मिली'
वीडियो शेयर करते हुए अमन सिंह ने लिखा कि आज मोटिवेशन किसी मिलियनेयर से नहीं मिली. एक ऐसे इंसान से मिली, जिन्होंने मुझे दिखाया कि कम्युनिकेशन सिर्फ शब्दों से नहीं होता.उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने मुझसे उससे भी बेहतर तालमेल बनाया, जितना कई लोग बोल और सुन सकने के बावजूद नहीं बना पाते.
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'उन्होंने सच में मेरा दिन बना दिया'
वीडियो के आखिर में अमन सिंह बोर्डिंग पास लेने के बाद अफजल से हाथ मिलाते हैं और उनका धन्यवाद करते हैं. सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पल को आपसी सम्मान और इंसानियत की खूबसूरत मिसाल बताया.
लोगों ने इंडिगो की भी की तारीफ
यह वीडियो अब हजारों लोगों तक पहुंच चुका है. कई यूजर्स ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों की मेहनत अक्सर लोगों की नजरों से छूट जाती है और उन्हें सामने लाने के लिए अमन सिंह की सराहना की जानी चाहिए.एक यूजर ने लिखा कि हाल ही में कोझिकोड एयरपोर्ट पर भी मेरा ऐसा ही अनुभव रहा था. इंडिगो इस मामले में शानदार काम कर रही है.
वहीं कई लोगों ने दिव्यांग लोगों को रोजगार देने की पहल के लिए एयरलाइन की तारीफ की. उनका कहना था कि समावेशी कार्यस्थल किसी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और इन्हें अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य बात माना जाना चाहिए.
वीडियो देखने वाले कई लोगों ने यह भी कहा कि अफजल का आत्मविश्वास, मुस्कान और यात्रियों की मदद करने का जज्बा इस बात का सबूत है कि इंसानियत, धैर्य और दूसरों की मदद करने की भावना ही सबसे असरदार भाषा होती है. यही वजह है कि यह वीडियो सिर्फ एयरपोर्ट की एक घटना नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और समावेश का खूबसूरत संदेश बन गया है.
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