ज्वाइन करते ही आईफोन, छुट्टियां इतनी कि... इंडियन टेकी ने बताए स्वीडन में कॉरपोरेट जॉब के मजे

स्वीडन में काम करने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने एक वायरल वीडियो में स्वीडिश कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभों के बारे में अपने वीडियो में बताया है. इन फायदे और मिलने वाली सुविधाओं को सुन कई भारतीय हैरान रह गए.

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इंडियन टेकी आशुतोष सामल और उनका ऑफिस (सोशल मीडिया ग्रैब) इंडियन टेकी आशुतोष सामल और उनका ऑफिस (सोशल मीडिया ग्रैब)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मई 2025,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

कॉरपोरेट जॉब में जहां लोग अक्सर वर्क स्ट्रेस, कम छुट्टियां और वर्क लाइफ बैलेंस बिगड़ने की शिकायत करते हैं. वहीं एक शख्स जो स्वीडन में काम करता है, उसने अपने कॉरपोरेट जॉब की इतनी खूबियां और मिलने वाली सुविधाओं गिनाई कि सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हो गया.  

भारत के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने स्वीडन में मिलने वाले ऑफिस के फायदों की सूची बनाई है. साथ ही वीडियो बनाकर लोगों को बताया है कि उसे किस तरह की सुविधाएं यहां मिलती है. उसके वायरल वीडियो से सोशल मीडिया पर एक बहस छिड़ गई. वीडियो को लेकर ऑनलाइन यूजर्स की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिली हैं.

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30 दिनों की मिलती है वेतन सहित छुट्टी
स्वीडन स्थित इंडियन सॉफ्टवेयर डेवलपर आशुतोष सामल ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते कहा कि स्वीडन में कर्मचारियों को हर साल 30 दिन की सवेतन छुट्टी मिलती है. इसके अलावा, ज्यादातर कंपनियां सार्वजनिक छुट्टियों से पहले आधे दिन की छुट्टी देती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि नए कर्मचारियों को उनके ज्वाइनिंग करते ही लेटेस्ट वर्जन iPhone और एक लैपटॉप मिलता है.

वर्क लाइफ बैलेंस का रखा जाता है ध्यान
स्वीडन में काम और जीवन के बीच संतुलन को प्राथमिकता दी जाती है. कंपनियां जिम की सदस्यता, मसाज और अन्य स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए सालाना 30,000 से 40,000 रुपये देती हैं. रिमोट वर्किंग के लिए आमतौर पर 30,000 से 50,000 रुपये तक का होम ऑफिस सेटअप भत्ता दिया जाता है.

लंच के लिए अलग से मिलते हैं पैसे 
दोपहर के खाने के लिए अलग से हर दिन के हिसाब से भोजन भत्ता मिलता है. आशुतोष के अनुसार, कर्मचारियों को भोजन के लिए प्रति माह लगभग 10,000 रुपये मिलते हैं. कॉर्पोरेट छूट के तहत कार लीजिंग भी उपलब्ध है. वहीं माता-पिता बनने पर 80 प्रतिशत वेतन सहायता के साथ 480 दिनों का पैटरनल लीव भी दिया जाता है.

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नौकरी जाने पर ऐसे चलता है काम
उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी की नौकरी चली जाती है, तो यूनियन आगे आती है और छह से नौ महीने तक उन्हें आर्थिक मदद देती है. कर्मचारियों को गर्मियों में काम के लचीले घंटे भी मिलते हैं, कई दफ़्तर जल्दी काम खत्म करने की अनुमति देते हैं. कई लोगों को आशुतोष का यह दावा हैरान करने वाला लगा. आशुतोष ने बताया कि स्वीडन में कर्मचारियों को छुट्टी मांगने की आवश्यकता नहीं है, इसे एक अधिकार के रूप में देखा जाता है. इसलिए सिर्फ छुट्टी के लिए इन्फॉर्म करना पड़ता है. 

यूजर्स ने दिए ऐसी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी. एक ने लिखा छोड़ो छुट्टी लेना हक है लेकिन यहां मैनेजर को सूचित करना नहीं, पहले उसे मनाना पड़ता है. एक दूसरे यूजर ने लिखा कि स्वीडन में 6 महीने दिन और 6 महीने रात को छोड़कर सब कुछ ठीक रहता है, वह भारतीयों के लिए उपयुक्त नहीं है, और मैं अपने कई दोस्तों को जानता हूं जिनकी हालत इस जलवायु के कारण खराब हो जाती है. एक अन्य यूजर ने लिखा. अंदर से दुखी कर दिया ये दिखा के क्योंकि भारत में इसका उल्टा है.

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