5 रुपये बचाने के लिए पैदल जाते थे ऑफिस, बेटे ने कराई वंदे भारत की सैर, भावुक कर देगा VIDEO

एक शख्स ने अपने बुजुर्ग पिता को वंदे भारत एक्सप्रेस की सैर कराई और इस खूबसूरत पल का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया. वीडियो में बेटे ने बताया कि उसके पिता कभी 5 रुपये बचाने के लिए पैदल ऑफिस जाया करते थे. अब वह चाहता है कि पिता हर वह आराम महसूस करें.

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 इंस्टाग्राम पर 'भुक्खड़ मुसाफिर' नाम के पेज ने यह वीडियो शेयर किया है (Photos: @bhukkhad_musafir/Instagram) इंस्टाग्राम पर 'भुक्खड़ मुसाफिर' नाम के पेज ने यह वीडियो शेयर किया है (Photos: @bhukkhad_musafir/Instagram)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

माता-पिता अपनी जरूरतों से ज्यादा बच्चों के भविष्य को अहमियत देते हैं. कई बार वे छोटी-छोटी खुशियों का भी त्याग कर देते हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें पूरी हो सकें. सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने लाखों लोगों को भावुक कर दिया.

इंस्टाग्राम पर 'भुक्खड़ मुसाफिर' नाम के पेज ने यह वीडियो शेयर किया है. इस पेज को एक दंपति चलाता है, जो अक्सर अपने सफर की झलकियां बुजुर्ग पिता के साथ साझा करता है. इस बार उन्होंने अपने पिता को वंदे भारत एक्सप्रेस की सैर कराई.

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वीडियो की शुरुआत रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म पर खड़े पिता से होती है. ट्रेन आने के बाद वह वंदे भारत में सवार होते हैं और अपनी सीट पर बैठ जाते हैं. सफर शुरू होते ही उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई देती है.

वीडियो में वह ट्रेन की बड़ी खिड़कियों से बाहर गुजरते खेत-खलिहानों और खूबसूरत नजारों को निहारते नजर आते हैं. आधुनिक सुविधाओं और ट्रेन के आरामदायक सफर का वह हर पल आनंद लेते दिखाई देते हैं.

देखें वीडियो

लेकिन इस वीडियो को खास बनाती है उस पर लिखी एक भावुक बात.

वीडियो पर लिखा है कि मेरे पिता 5 रुपये का रिक्शा किराया बचाने के लिए पैदल ऑफिस जाया करते थे. आज जब भी मौका मिलता है, मैं वही 5 रुपये ज्यादा खर्च करता हूं, ताकि उन्हें एक आरामदायक जिंदगी दे सकूं. वीडियो के कैप्शन में बेटे ने सिर्फ इतना लिखा कि पापा एक्सपीरियंसिंग वंदे भारत राइड.

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लोगों ने क्या कहा?

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कई यूजर्स ने लिखा कि आज जो सुविधाएं बच्चों को मिल रही हैं, उसके पीछे माता-पिता के वर्षों के त्याग और मेहनत छिपी होती है.कुछ लोगों ने कहा कि असली सफलता वही है, जब इंसान अपने माता-पिता को वे खुशियां दे सके, जिनसे उन्होंने कभी सिर्फ बच्चों के लिए समझौता किया था.वहीं कई यूजर्स ने कामना की कि यह पिता के सफर की सिर्फ शुरुआत हो और अगली बार बेटा उन्हें हवाई जहाज की यात्रा भी कराए.

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