आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग गर्मी से बचने के लिए एसी, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा लेते हैं. लेकिन चीन में इन दिनों एक अलग ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है. वहां बड़ी संख्या में युवा ट्रे़डिशनल चाइनीज मेडिसीन (TCM) यानी पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति की ओर लौट रहे हैं. उनका मानना है कि सिर्फ शरीर को ठंडा रखना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर में जमा अतिरिक्त नमी, जिसे TCM में डैम्पनेस कहा जाता है, उसे भी बाहर निकालना जरूरी होता है. यही वजह है कि चीन में हर्बल चाय, जड़ी-बूटियों से बने पेय, एक्यूपंक्चर और कपिंग थेरेपी जैसी पारंपरिक ट्रेडिशनल मेडिसिन फिर से लोकप्रिय हो रही हैं.
क्या है डैम्पनेस, जिसे लेकर चीन में बढ़ रहा है क्रेज?
TCM (ट्रेडिशनल चाइनीज मेडिसिन) के अनुसार, डैम्पनेस कोई साधारण पानी नहीं है, बल्कि यह शरीर में जमा ऐसी अतिरिक्त नमी मानी जाती है जो शरीर के बैलेंस को बिगाड़ देती है. माना जाता है कि जब यह नमी बढ़ जाती है तो व्यक्ति को हर समय थकान महसूस होती है, शरीर भारी-भारी लगता है, सुबह उठने का मन नहीं करता, पाचन ठीक नहीं रहता, पेट फूलने की समस्या हो सकती है, चेहरे पर ज्यादा तेल आने लगता है और ध्यान लगाने में भी कठिनाई होती है. हालांकि, मॉडर्न मेडिकल साइंस डैम्पनेस को इसी रूप में स्वीकार नहीं करता, लेकिन चीन की पारंपरिक चिकित्सा में यह हजारों साल पुरानी अवधारणा है और आज भी बड़ी संख्या में लोग इस पर भरोसा करते हैं.
गर्मियों में क्यों बढ़ जाती है यह परेशानी?
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन में गर्मियों के दौरान सिर्फ तापमान ही नहीं बढ़ता, बल्कि हवा में नमी भी काफी ज्यादा होती है. TCM के मुताबिक ऐसा मौसम शरीर में डैम्पनेस बढ़ाने का कारण बन सकता है. इसी वजह से गर्मियों के मौसम में लोग ऐसे उपाय अपनाते हैं, जिनसे शरीर से अतिरिक्त नमी निकालने में मदद मिलने का दावा किया जाता है. यही कारण है कि इन दिनों चीन के कई शहरों में हर्बल ड्रिंक और पारंपरिक उपचार की मांग तेजी से बढ़ रही है.
युवा क्यों अपना रहे हैं पारंपरिक इलाज?
दिलचस्प बात यह है कि पहले TCM को ज्यादातर बुजुर्गों की चिकित्सा पद्धति माना जाता था, लेकिन अब युवा भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह आधुनिक जीवनशैली मानी जा रही है. लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करना, देर रात तक जागना, मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, जंक फूड खाना और लगातार तनाव में रहना जैसी आदतों के कारण कई युवा खुद को थका हुआ महसूस करते हैं. ऐसे में वे ऐसी चिकित्सा पद्धति की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो पूरे शरीर के संतुलन को सुधारने का दावा करती है.
इलाज में क्या-क्या किया जाता है?
इसी कारण चीन में हर्बल चाय, औषधीय पेय, एक्यूपंक्चर, कपिंग थेरेपी और हर्बल फुट बाथ जैसी पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. सोशल मीडिया पर भी इनसे जुड़े वीडियो लाखों-करोड़ों बार देखे जा रहे हैं. कई युवा अपने अनुभव शेयर करते हैं और बताते हैं कि इन उपचारों के बाद उन्हें हल्कापन और बेहतर महसूस हुआ. हालांकि ऐसे अनुभव पर्सनल होते हैं और हर व्यक्ति पर एक जैसा असर हो, यह जरूरी नहीं है.
क्या वैज्ञानिक रूप से सही है यह दावा?
हालांकि एडवांस मेडिकल साइंस इस विषय पर थोड़ा अलग नजरिया रखता है. विशेषज्ञों का कहना है कि डैम्पनेस जैसी अवधारणाओं को आधुनिक मेडिकल साइंस उसी रूप में स्वीकार नहीं करती, जैसा TCM में बताया जाता है. कुछ उपचार, जैसे एक्यूपंक्चर, पर वैज्ञानिक शोध हुए हैं और कुछ मामलों में इनके फायदे भी सामने आए हैंय. लेकिन डैम्पनेस हटाने या सभी हर्बल उपचारों के दावों को साबित करने के लिए अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए अगर किसी व्यक्ति को लगातार थकान, पाचन संबंधी समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य परेशानी हो, तो केवल पारंपरिक इलाज पर निर्भर रहने के बजाय योग्य डॉक्टर से जांच कराना भी जरूरी है.
क्यों चर्चा में है चीन का यह ट्रेंड?
कुल मिलाकर देखा जाए तो चीन में TCM का बढ़ता ट्रेंड सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वहां की संस्कृति और परंपरा से भी जुड़ा हुआ है. नई पीढ़ी अपनी पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक जीवनशैली के साथ जोड़ रही है. यही वजह है कि आज चीन के कई युवा कोल्ड ड्रिंक की जगह हर्बल ड्रिंक और फास्ट फूड की जगह पारंपरिक खान-पान को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि किसी भी चिकित्सा पद्धति को अपनाने से पहले वैज्ञानिक तथ्यों और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना सबसे जरूरी है.
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