Kailash Mansarovar Yatra Public Toilet Video: भारत में चारधाम, अमरनाथ और मानसरोवर यात्रा को बहुत अहम माना जाता है और इन सबसे मुश्किल यात्रा कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील की यात्रा को माना जाता है. इसके बावजूद हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए कठिन सफर पर निकलते हैं. सिर्फ भारत नहीं बल्कि दुनियाभर से हिंदू धर्म को मानने वाले लोग इस धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा में शामिल होते हैं.
इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित दारचेन (Darchen) पहुंचते हैं, जिसे कैलाश पर्वत की परिक्रमा का मुख्य प्रवेश द्वार भी माना जाता है. सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तो आपने बहुत देखे होंगे कि चीन 2050 में जी रहा है, वहां पर कई ऐसी चीजें हैं, जिनके बारे में दुनियाभर के लोग जानते नहीं हैं. लेकिन इस बार चीन का एक दूसरा पहलू सामने आया है, जिसे देखने के बाद आप भी चौंक जाएंगे.
मानसरोवर यात्रा के रास्ते में पड़ने वाला दारचेन एक छोटा-सा शहर है, जो इस बार किसी धार्मिक वजह से नहीं, बल्कि वहां के एक पब्लिक टॉयलेट के कारण चर्चा में आ गया है.
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए एक युवक ने दारचेन के पब्लिक टॉयलेट की स्थिति दिखाई है. चीन द्वारा बनाए गए इस सार्वजनिक शौचालय को देखने के बाद आप हैरान रह जाएंगे, क्योंकि वीडियो में नजर आ रही टॉयलेट की हालत आम लोगों की सोच से बिल्कुल अलग है.
वीडियो में दिखाया गया है कि शौचालय के अंदर किसी तरह के अलग-अलग केबिन नहीं हैं. वहां सीमेंट की लंबी कतार में सीटें बनाई गई हैं, जिनमें होल से नीचे जमा कचरा भी साफ दिखाई दे रहा है. युवक ने अपने वीडियो में बताया कि इस पब्लिक टॉयलेट में न तो पर्दा, न दरवाजा और न ही पानी की व्यवस्था है.
दुनिया भर में चीन की पहचान आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-स्पीड ट्रेनों, शानदार सड़कों और मॉर्डन फैसिलिटी के लिए की जाती है. अक्सर लोग चीन के विकास मॉडल की तारीफ करते नहीं थकते. ऐसे में दारचेन के इस पब्लिक टॉयलेट का वीडियो देखकर कई लोग हैरान हैं कि तकनीकी तौर पर उन्नत माने जाने वाले देश में भी ऐसी व्यवस्था मौजूद है.
हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि इस वीडियो के आधार पर पूरे क्षेत्र की सुविधाओं का आकलन नहीं किया जा सकता. दारचेन एक दूरदराज और ऊंचाई वाले इलाके में स्थित है, जहां सामान्य शहरी सुविधाएं विकसित करना आसान नहीं होता.
सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो पर अलग-अलग रिएक्शन दे रहे हैं. एक ने लिखा, चीन तो बहुत आगे है, तो कुछ लोग बोल रहे हैं कि चीन ने यह भारत से जलन में किया है. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बोल रहे हैं कि दारचेन जैसे दूरदराज और ऊंचाई वाले इलाके में ऐसा टॉयलेट होना भी बड़ी बात है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, कैलाश मानसरोवर क्षेत्र समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है. यहां तापमान बेहद कम रहता है और मौसम भी अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है. ऐसे हालातों में सीवेज सिस्टम और पानी की नियमित व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल माना जाता है. यही वजह है कि कई जगहों पर सामूहिक और सीमित संसाधनों वाले शौचालय बनाए जाते हैं.
फिलहाल दारचेन के इस पब्लिक टॉयलेट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क