ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद Amazon के एक बड़े डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्रूज मिसाइलों से हमला किया है. किसी भी कंपनी के डेटा सेंटर पर अटैक होता है तो सिर्फ उसका ही नुकसान नहीं होता, बल्कि उन कंपनियों पर भी असर पड़ता है जो AWS की सर्विसेज यूज कर रही हैं.
इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर अटैक किया था तो जवाबी कार्यवाई करते हुई कई अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाया गया था. ज्यादातर बार टारगेट डेटा सेंटर्स ही होते हैं, क्योंकि इससे ज्यादा सर्विस डिसरप्शन होता है.
अब तक इस दावे की किसी इंडिपेंडेंट एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है. बहरीन सरकार, अमेरिका और ऐमेजॉन की ओर से भी इस पर ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया है.
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IRGC के मुताबिक उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन में मौजूद ऐमेजॉन के केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया. ईरान का दावा है कि इस हमले में डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचा है. इसके साथ ही उसने बहरीन के मुहर्रक और रिफा इलाके में अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम और रडार को भी निशाना बनाने की बात कही है.
ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है. IRGC के अनुसार अमेरिका ने एक दिन पहले ईरान के डारखोविन इलाके में बन रहे परमाणु संयंत्र से जुड़े ठिकानों पर हमला किया था. इसी के जवाब में उसने अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया.
ऐमेजॉन, बहरीन सरकार और अमेरिकी अधिकारियों ने भी खबर लिखे जाने तक कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दिया है. बताते चलें कि बहरीन ऐमेजॉन वेब सर्विसेज के लिए एक महत्वपूर्ण लोकेशन है.
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कंपनी का मिडिल ईस्ट रीजन इसी देश से संचालित होता है, जिसका यूज कई कंपनियां अपनी वेबसाइट, ऐप और क्लाउड सेवाओं के लिए करती हैं. अगर इस तरह के किसी डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचता है तो उसका असर कई ऑनलाइन सर्विसेज पर पड़ सकता है. फिलहाल ऐसे किसी असर की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच कई सैन्य हमले हुए हैं. ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी हितों से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाने का भी दावा किया है. दूसरी ओर अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क