iPhone 18 Pro से Pixel 11 तक: अमेरिका के मुकाबले भारत में क्यों चुकाने पड़ते हैं ज्यादा पैसे?

अमेरिका के मुकाबले भारत में गूगल और ऐपल के स्मार्टफोन्स इतने महंगे क्यों होते हैं? जब भी पिक्सल या आईफोन लॉन्च होता है लोगों के मन में ये सवाल जरूर उठता है. हाल ही में भारत में लॉन्च हुआ Google Fitbit Air इसका सबसे बड़ा उदाहरण. कैसे 50 डॉलर का फिटनेस बैंड भारत में 13 हजार रुपये का हो जाता है. आइए समझते हैं.

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भारत में क्यों महंगे हैं फोन? भारत में क्यों महंगे हैं फोन?

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 09 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:56 PM IST

हर साल नया iPhone या Pixel लॉन्च होते ही भारत में एक सवाल लगभग तय होता है - यही फोन अमेरिका में इतना सस्ता और भारत में इतना महंगा क्यों है?

इस बार सवाल और दिलचस्प हो गया है. Apple ने iPhone 18 Pro भारत में लॉन्च किया, Google Pixel 11 सीरीज भारत में लेकर आया और अब Google का Fitbit Air भी भारत पहुंच गया है. पहली नजर में तीनों की कीमतों को अमेरिका से मिलाएं तो भारतीय ग्राहक को लगता है कि उसे उसी डिवाइस के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं. Google Fitbit Air अमेरिका में 100 डॉलर से कम का है, जबकि भारत में ये 13 हजार रुपये का लॉन्च हुआ है. 

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हालांकि ये Apple और Google भारत में ज्यादा पैसे लेते हैं वाली नहीं बात नहीं. असल में इसमें अमेरिकी कीमत का तरीका, भारत का GST, कस्टम ड्यूटी, रुपये की कमजोरी, लोकल मैन्युफैक्चरिंग, कंपनी की अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटिजी, रिटेल मार्जिन और भारत में किसी प्रोडक्ट को किस सेगमेंट में रखना है, सब शामिल है.

पहले iPhone 18 Pro का हिसाब समझिए

Apple ने iPhone 18 Pro की अमेरिकी शुरुआती कीमत $1,199 रखी है. वहीं भारत में iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 है. 

1 अक्टूबर 2026 के आसपास डॉलर करीब ₹96 के स्तर पर है. ऐसे में $1,199 को सीधे रुपये में बदलें तो कीमत करीब ₹1.15 लाख बैठती है. यहीं से भारतीय ग्राहक को बड़ा अंतर दिखाई देता है. अमेरिका में दिख रही $1,199 कीमत को भारत की ₹1,64,900 कीमत से सीधे कंपेयर करने पर करीब ₹50,000 का अंतर नजर आता है.

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अमेरिका में ऐपल की दिखाई गई कीमत फाइनल कंज्यूमर प्राइस नहीं होती. अमेरिका में सेल्स टैक्स राज्य और शहर के हिसाब से अलग हो सकता है और आम तौर पर चेकआउट के समय जुड़ता है. यानी Apple की वेबसाइट पर दिखाई गई $1,199 कीमत और अमेरिकी ग्राहक की फाइनल पेमेंट एक ही चीज नहीं है. 

भारत में दूसरी तरफ जो ₹1,64,900 MRP दिखाई जाती है, उसमें GST शामिल होता है. यानी शुरुआत से ही दोनों देशों की प्राइस टैग्स की तुलना एक जैसे तरीके से नहीं हो रही है. भारत में 18% GST पहले से कीमत में शामिल है

मोबाइल फोन पर भारत में GST 18% है. GST काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक मोबाइल फोन और उनके पार्ट्स पर GST को 12% से बढ़ाकर 18% किया गया था, जो 1 अप्रैल 2020 से लागू हुआ. 

इसका मतलब यह है कि ₹1,64,900 के iPhone 18 Pro में पूरी ₹1,64,900 राशि ऐपल की कमाई नहीं है. सिर्फ समझने के लिए अगर 18% GST को कीमत से अलग करें तो ₹1,64,900 की टैक्स-इनक्लूडेड कीमत का प्री-GST हिस्सा करीब ₹1.40 लाख बैठता है.

लेकिन फिर भी iPhone 18 Pro भारत में अमेरिकी प्री टैक्स कीमत के मुकाबले महंगा है. यही वह हिस्सा है जिसे सिर्फ GST से एक्स्लेन नहीं किया जा सकता.

बाकी पैसा कहां जाता है?

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यहां आता है इंपोर्ट ड्यूटी, कंपोनेंट्स, डिस्ट्रिब्यूशन, रिटेल और ऐपल की प्राइसिंग स्ट्रैटिजी का खेल. यह समझना भी जरूरी है कि भारत में iPhone बनता है का मतलब यह नहीं है कि फोन का हर कंपोनेंट्स भारत में बना है.

Apple ने भारत में iPhone मैनुफैक्चरिंग और असेंब्ली का बड़ा इकोसिस्टम बनाया है, लेकिन स्मार्ट स्पाई चेन अभी भी पूरी तरह लोकल नहीं है. बहुत से कंपोनेंट्स ग्लोबल सप्लाई चेन से आते हैं. 

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