कच्छ कढ़ाई, पश्मीना से बनारसी तक... Google के Doodle में दिखी भारत की रंगीन विरासत

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर Google ने खास Doodle के जरिए देश की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत को सलाम किया है. डिजिटल पैचवर्क में 22 क्षेत्रीय कपड़ा और हस्तशिल्प परंपराओं को शामिल किया गया है. इसमें कच्छ कढ़ाई, जामदानी, बनारसी, पश्मीना, पैठणी, फुलकारी, कांजीवरम, कलमकारी और मेखला चादर जैसी कलाएं नजर आती हैं.

Advertisement
  गूगल ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने डूडल में देश की अलग-अलग 22 टेक्सटाइल ट्रेडिशन को प्रदर्शित करने वाले आर्टवर्क को जगह दी. (Screenshot) गूगल ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने डूडल में देश की अलग-अलग 22 टेक्सटाइल ट्रेडिशन को प्रदर्शित करने वाले आर्टवर्क को जगह दी. (Screenshot)

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 15 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर Google ने एक खास Doodle जारी किया है, जिसमें देश के 22 अलग-अलग रीजनल टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट ट्रेडिशन को डिजिटल पैचवर्क के जरिए शोकेस किया गया है. यह आर्टवर्क भारत की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत के साथ-साथ उन बुनकरों, रंगरेजों (कपड़ों पर रंग चढ़ाने वाले), किसानों और ब्लॉक-प्रिंटरों के सामूहिक योगदान को भी सामने लाती है, जिनकी मेहनत से देश की सदियों पुरानी कपड़ा परंपराएं आज तक जीवित हैं.

Advertisement

यह Doodle मूल रूप से नई दिल्ली की ग्राफिक डिजाइनर और आर्टिस्ट नम्रता कुमार ने 2023 में भारत के 77वें स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार किया था. इस साल Google ने इसे दोबारा पेश किया है. सृष्टि स्कूल ऑफ आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी की पूर्व छात्र रहीं नम्रता कुमार की इस डिजिटल आर्टवर्क में देश के अलग-अलग हिस्सों की पारंपरिक बुनाई, कढ़ाई और ब्लॉक प्रिंटिंग को एक साथ पिरोया गया है.

इन पारंपरिक कपड़ा कलाओं को मिली जगह

Google Doodle में जामदानी, इकत, अजरख और बनारसी ब्रोकेड जैसी प्रसिद्ध कपड़ा परंपराओं को भी प्रमुखता से दिखाया गया है. जामदानी बेहद महीन मलमल पर जियोमेट्रिक और फूलों वाले पैटर्न के लिए जानी जाती है. इकत में धागों को पहले रंगकर फिर बुना जाता है, जबकि अजरख में प्राकृतिक खनिज और वनस्पति रंगों का इस्तेमाल करते हुए ज्यामितीय ब्लॉक प्रिंट बनाए जाते हैं. वहीं, बनारसी ब्रोकेड रेशमी कपड़े पर सोने और चांदी जैसे धातु के धागों की बुनाई के लिए मशहूर है.

Advertisement

पहली कतार में Doodle ने गुजरात की कच्छ कढ़ाई, हिमाचल प्रदेश की पट्टू बुनाई, पश्चिम बंगाल की जामदानी, जम्मू-कश्मीर का पश्मीना कनी टेक्सटाइल, उत्तर प्रदेश की बनारसी बुनाई और गोवा का कुन्बी टेक्सटाइल शामिल है.

दूसरी कतार में ओडिशा की फाइन इकत, महाराष्ट्र की पैठणी, पश्चिम बंगाल की कांथा कढ़ाई, नागालैंड की नगा बुनाई, कच्छ की अजरख ब्लॉक प्रिंटिंग, अरुणाचल प्रदेश की अपातानी बुनाई, पंजाब की फुलकारी और केरल की कसावु बुनाई को जगह दी गई है.

तीसरी कतार में तमिलनाडु की कांजीवरम बुनाई, आंध्र प्रदेश की कलमकारी, गुजरात और राजस्थान की बांधनी, राजस्थान की लहरिया, कर्नाटक की इलकल हैंडलूम, असम की मेखला चादर और बिहार की सुजनी कढ़ाई को दिखाया गया है.

स्वतंत्रता दिवस और 'वंदे मातरम्' के 150 साल

इस साल देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोहों के दौरान तिरंगा फहराने के साथ 'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने का अवसर भी याद किया जा रहा है. इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की थीम 'विकसित भारत@2047 में युवाओं की भूमिका का महत्व' थी. Google का यह Doodle हस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में सामने लाता है. इस बार के स्वतंत्रता दिवस पर Google ने अपने Doodle के जरिए भारत के 22 रीजनल टेक्सटाइल परंपराओं को एक साथ दिखाकर देश के अलग-अलग हिस्सों के कारीगरों और उनकी पीढ़ियों से चली आ रही कला को सम्मान दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »