भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम - इंडिया (CERT-In) को क्लॉड मिथोस का सुरक्षित एक्सेस मिल चुका है, जिसकी मदद से वह साइबर सिक्योरिटी को सुनिश्चित कर पाएगी. यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है.
मिथोस, असल में एंथ्रोपिक का एक पावरपुल AI मॉडल है, जो साइबर सिक्योरिटी में मदद करता है. कंपनी ने मिथोस को इस अप्रैल में जारी किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, CERT-In अब Mythos का इस्तेमाल कर रहा है, जिसकी मदद से वह सिस्टम की वल्नरबिलिटीज और कमजोरियों का पता चल रहा है.
यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब कुछ दिन पहले ही CERT-In एजेंसी ने बताया था कि कुछ AI एजेंट ने चुनिंदा भारतीय ऑर्गजनाइजेशन तक पहुंच बना ली थी और गैर कानूनी एक्सेस कर लिया था. हालांकि उस समय किसी भी ऑर्गनाइजेशन का नाम नहीं लिया था.
CERT-In टेस्टिंग को धीमी गति से आगे बढ़ाएंगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, CERT-In की प्लानिंग है कि वह क्लॉड मिथोस की टेस्टिंग को सावधानीपूर्वक करेंगे. साथ ही इस टेस्टिंग को धीमी गति से आगे बढ़ाया जाएगा और यह एक स्लो प्रोसेस होगा.
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कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में हो रही है टेस्टिंग
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, CERT-In मौजूदा समय में मिथोस की एक कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में टेस्टिंग कर रहा है. इसके साथ किसी एक्सटर्नल डिजिटल डिवाइस को कनेक्ट नहीं किया है.
अन्य AI मॉडल्स को लेकर भी टेस्टिंग
सिर्फ मिथोस ही नहीं बल्कि CERT-In दूसरे AI मॉडल्स को लेकर भी टेस्टिंग कर रहा है. यह अन्य मॉडल भी मिथोस जैसी 80-85 परसेंट कैपिबिलिटीज के साथ आते हैं. ऐसे में यह सरकारी एजेंसी को टेस्टिंग में कई मॉडल इस्तेमाल करने की परमिशन देता है और एजेंसी की किसी एक पर निर्भरता नहीं होगी.
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प्रोजेक्ट ग्लासविंग को लेकर टेस्टिंग
Claude Mythos को सबसे पहले इस साल अप्रैल में लॉन्च किया था. शुरुआत में कंपनी ने चुनिंदा ऑर्गनाइजेशन को इसका एक्सेस दिया था. शुरुआत में प्रोजेक्ट ग्लासविंग को शुरू किया था,जिसके तहत चुनिंदा ऑर्गनाइजेशन को ही परमिशन थी. Claude Mythos को ऐसे डिजाइन किया गया है, जो साइबर सिक्योरिटी की खामियों का पता लगा सकती हैं.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क