ऐपल दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है, लेकिन इस बार उसे अदालत से बड़ा झटका लगा है. अमेरिका की एक अदालत ने ऐपल की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी 634 मिलियन डॉलर यानी करीब 5,400 करोड़ रुपये के हर्जाने वाले फैसले को पलटवाना चाहती थी.
अदालत ने साफ कर दिया कि पुराने फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा और नए ट्रायल की मांग भी मंजूर नहीं की जाएगी. यह मामला मेडिकल टेक्नोलॉजी कंपनी Masimo और Apple के बीच कई साल से चल रही कानूनी लड़ाई का हिस्सा है.
Masimo नाम की कंपनी का आरोप है कि ऐपल ने उसकी पेटेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल Apple Watch में किया. खासतौर पर यह विवाद ब्लड ऑक्सीजन और हेल्थ मॉनिटरिंग से जुड़ी तकनीक को लेकर है.
पूरा मामला क्या है?
Masimo ने साल 2020 में ऐपल पर मुकदमा किया था. कंपनी का कहना था कि ऐपल ने उसकी पेटेंट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल Apple Watch में किया और उसके अधिकारों का उल्लंघन किया. लंबे ट्रायल के बाद नवंबर 2025 में जूरी ने Masimo के पक्ष में फैसला सुनाया और ऐपल को 634 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया.
इसके बाद ऐपल ने अदालत से कहा कि फैसले को रद्द किया जाए और नए सिरे से सुनवाई कराई जाए. कंपनी का तर्क था कि जूरी ने पेटेंट को गलत एक्स्प्लेन किया है और कुछ कानूनी गलतियां हुई हैं. लेकिन अब अमेरिकी जिला अदालत के ने ऐपल की दोनों मांगें खारिज कर दी हैं.
Apple Watch में क्या था विवाद?
Masimo का दावा है कि ऐपल वॉच के कुछ हेल्थ फीचर उसके पेटेंट का उल्लंघन करते हैं. इनमें हार्ट रेट मॉनिटरिंग से जुड़े फीचर और हेल्थ नोटिफिकेशन शामिल हैं. अदालत ने माना कि ऐपल वॉच को इस पेटेंट के दायरे में आने वाला डिवाइस माना जा सकता है, इसलिए जूरी का फैसला सही है.
पहले भी लग चुकी है रोक
साल 2023 में अमेरिका के इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन (ITC) ने कुछ ऐपल वॉच मॉडल की बिक्री और आयात पर रोक लगा दी थी, क्योंकि उनमें ब्लड ऑक्सीजन फीचर को लेकर पेटेंट विवाद था. इसके बाद ऐपल ने अमेरिकी बाजार में कुछ मॉडल बिना ब्लड ऑक्सीजन फीचर के बेचना शुरू किया. बाद में कंपनी ने फीचर में बदलाव भी किए.
क्या ऐपल अभी भी अपील कर सकता है?
हां. ऐपल ने पहले भी कहा था कि वह फैसले से सहमत नहीं है और आगे अपील करेगा. कंपनी का कहना है कि जिस पेटेंट को लेकर विवाद है, उसकी अवधि 2022 में खत्म हो चुकी है और Masimo के कई दूसरे पेटेंट पहले ही अमान्य घोषित किए जा चुके हैं. हालांकि फिलहाल जिला अदालत ने ऐपल को कोई राहत नहीं दी है.
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल इस फैसले का असर सीधे ऐपल वॉच इस्तेमाल करने वाले यूजर्स पर नहीं पड़ता. जिन देशों में ब्लड ऑक्सीजन फीचर पहले से उपलब्ध है, वहां स्थिति पहले जैसी रहेगी. लेकिन अमेरिका में पेटेंट विवाद की वजह से ऐपल को पहले भी अपने कुछ मॉडल में बदलाव करने पड़े हैं. अगर आगे की कानूनी लड़ाई में नए आदेश आते हैं, तो उनका असर आने वाले ऐपल वॉच मॉडल पर पड़ सकता है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क