ऐपल अगले महीने iPhone 18 सीरीज लॉन्च करने वाला है. फोल्डेबल फोन की भी चर्चा हो रही है. इसी बीच रिपोर्ट ये भी आ रही है कि कंपनी इस बार अपने AirPods में बड़े बदलाव कर सकती है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कंपनी ऐसे AirPods पर काम कर रही है जिनमें छोटे कैमरे या इंफ्रारेड सेंसर दिए जाएंगे. पहली नजर में यह सुनकर लग सकता है कि अब AirPods से फोटो या वीडियो भी रिकॉर्ड किए जा सकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. इन कैमरों का मकसद पूरी तरह अलग होगा.
ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन और सप्लाई चेन रिपोर्ट्स के आधार पर सामने आई जानकारी के मुताबिक ऐपल इन कैमरों का इस्तेमाल ऐपल इंटेलिजेंस और सिरी को ज्यादा स्मार्ट बनाने के लिए करना चाहता है. यानी AirPods आपके आसपास की चीजों को देख सकेंगे और उसी हिसाब से आपको जानकारी दे पाएंगे. ऐपल पिछले कुछ समय से AI की रेस में तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है.
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आईफोन में विजुअल इंटेलिजेंस फीचर आने के बाद अब कंपनी चाहती है कि यही एक्सपीरिएंस दूसरे डिवाइस में भी मिले. इसी वजह से AirPods को सिर्फ म्यूजिक सुनने वाला डिवाइस नहीं, बल्कि AI वियरेबल बनाने की तैयारी चल रही है. लीक्स के मुताबिक AirPods में दिए जाने वाले कैमरे आम कैमरों जैसे नहीं होंगे. ये छोटे इंफ्रारेड सेंसर होंगे जो आसपास के माहौल को समझने में मदद करेंगे.
उदाहरण के लिए अगर आप किसी दुकान में खड़े हैं और किसी प्रोडक्ट के बारे में जानना चाहते हैं, तो Siri उससे जुड़ी जानकारी बता सकती है. अगर आप किसी विदेशी शहर में हैं, तो रास्ता समझाने या किसी बोर्ड को पहचानने में भी यह सिस्टम मदद कर सकता है.
ऐपल का फोकस फिलहाल विजुअल इंटेलिजेंस को और बेहतर बनाने पर है. फिलहाल यह फीचर नए iPhone मॉडल में कैमरे के जरिए काम करता है, लेकिन फेयूचर में AirPods भी इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं. कंपनी चाहती है कि यूजर बिना फोन निकाले सिर्फ Siri से सवाल पूछ सके और AI उसके आसपास की चीजों को समझकर जवाब दे सके.
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रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि AirPods में एक LED इंडिकेटर दिया जा सकता है. जब भी कैमरे या सेंसर विजुअल डेटा प्रोसेस करेंगे, तब यह लाइट जल जाएगी. इसका मकसद लोगों को यह बताना होगा कि डिवाइस उस समय विजुअल इनपुट का इस्तेमाल कर रहा है. इससे प्राइवेसी को लेकर ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने की कोशिश की जाएगी.
अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, और सेंसर्स वाले एयर पॉड्स लॉन्च होते हैं तो ये सिर्फ वायरलेस ईयरबड्स नहीं रहेंगे. वे ऐपल के AI इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन जाएंगे. इससे Siri ज्यादा समझदार होगी और यूजर को बिना स्क्रीन देखे भी कई काम करने में मदद मिल सकती है.
आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क