सुसाइड करने वालों पर होगी अब फेसबुक की नजर, जीने के बताएंगे टिप्स

फेसबुक ने कहा है कि वो ऐसे लोगों की काउंसलिंग के लिए चैरिटी और हेल्पालाइन का साथ भी काम कर रही है जिसके जरिए तत्काल प्रभाव से उनसे मदद लेकर उस शख्स की काउंसलिंग की जा सके जो सुसाइड के बारे में सोच रहा है.

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फेसबुक लाइव ब्रॉडकास्ट सपोर्ट फेसबुक लाइव ब्रॉडकास्ट सपोर्ट

मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 4:58 PM IST

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक आर्टिफिशियल इंटेलिंजेंस (AI) की मदद से उन लोगों की पहचान करेगा जो सुसाइड करने की सोच रहे हैं. इतना ही नहीं फेसबुक उन्हें सपोर्ट किया जाएगा ताकि वो अपनी सोच बदल सकें.

कंपनी ने इसके लिए एक खास एल्गोरिद्म डेवलप किया है जो फेसबुक यूजर्स के पोस्ट को फिल्टर करेगा. इसके तहत वार्निंग साइन वाले पोस्ट, कमेंट्स और रिप्लाई को ढूंढा जाएगा. रेड फ्लैग मार्क करने के बाद फेसबुक की टीम अलर्ट हो जाएगा और उस यूजर से संपर्क करके उसकी मदद करेगी जो ऐसा करने की सोच रहा है.

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फेसबुक ने कहा है कि वो ऐसे लोगों की काउंसलिंग के लिए भी काम कर रही है जिसके जरिए तत्काल प्रभाव से उनसे मदद लेकर उस शख्स की काउंसलिंग की जा सके.

गौरतलब है कि कंपनी पहले से भी फेसबुक पर सुसाइड वाले कंटेंट को फिल्टर करती है और लोगों को सपोर्ट देने का दावा करती है. लेकिन इससे पहले इसके लिए यूजर पर निर्भर थी. लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इस काम को अंजाम दिया जाएगा.

फेसबुक ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में लिखा है,‘दुनिया में हर 40 सेकंड में सुसाइड से 1 की मौत होती है और 15 से 29 साल के लोगों में यह मौत की दुसरी बड़ी वजह है. एक्सपर्ट्स के मुतबाकि सुसाइड की रोकथाम के लिए सबसे बेहतर तरीकों में से एक ये है कि उन्हें समझा जाए.

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सुसाइड रोकथाम के लिए फेसबुक ने ये नई शुरुआत की है

फेसबुक लाइव पर सुसाइड रोकथाम के लिए रियल टाइम इंटीग्रेटेड सुसाइड प्रिवेन्शन की शुरुआत.

लाइव वीडियो देख रहे लोगों का पास अब उस शख्स से को रिपोर्ट करने का ऑप्शन मिलेगा. जो शख्स ऐसे वीडियो को रिपोर्ट करेगा फेसबुक उसकी मदद करेगा ताकि वीडियो में दिख रहे शख्स की मदद की जा सके.

फेसबुक मैसेंजर के जरिए क्राइसिस सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन लाइव चैट सपोर्ट देंगे.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुसाइड कंटेंट मॉनिटरिंग की जाएगी.

फेसबुक पैटर्न रिकॉग्निशन पैटर्न पर भी काम कर रही है जो उन पोस्ट की पहचान करेगा जिसमें सुसाइड वाले कंटेंट और सोंच होंगे. कंपनी की कंम्यूनिटी ऑपरेशन टीम ऐसे पोस्ट को रिव्यू करेगा और जरूरत पड़ने पर उस शख्स की मदद करेगा जिसने ऐसा पोस्ट किया है.

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