भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने शतरंज की दुनिया में नया इतिहास रच दिया. उन्होंने अमेरिका के दिग्गज ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना को रोमांचक फाइनल में 15-13 से हराकर पहली बार Grand Chess Tour Finals का खिताब अपने नाम कर लिया. इसके साथ ही प्रज्ञानानंद इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ उन्हें 2 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि भी मिली.
प्रज्ञानानंद ने उस मुकाबले में शानदार वापसी की, जिसमें दिन की शुरुआत उनके लिए बेहद मुश्किल रही थी. भारतीय ग्रैंडमास्टर एक समय कारुआना से 6 अंक पीछे थे, लेकिन उन्होंने रैपिड के दोनों मुकाबले जीतकर मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया और बढ़त हासिल कर ली.
इसके बाद ब्लिट्ज में कारुआना ने वापसी की कोशिश की, लेकिन प्रज्ञानानंद ने दबाव बनाए रखा और अंततः 15-13 के स्कोर से फाइनल अपने नाम कर लिया.
पहले ब्लिट्ज गेम में प्रज्ञानानंद के पास जीतने के अच्छे मौके थे, लेकिन समय के दबाव में उनसे गलती हो गई. उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ी, हालांकि कारुआना इसका फायदा नहीं उठा सके और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ. इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए इतिहास रच दिया.
यह खिताब प्रज्ञानानंद के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि इससे पहले वह फाइनल के क्लासिकल हिस्से में कारुआना से पिछड़ गए थे. पहला क्लासिकल गेम भारतीय खिलाड़ी ने 6-0 से गंवाया, जबकि दूसरा गेम 3-3 से ड्रॉ रहा. इसके चलते कारुआना ने 6 अंकों की बढ़त बना ली थी.
लेकिन प्रज्ञानानंद ने निर्णायक दिन गजब का जज्बा दिखाया. रैपिड के दोनों गेम जीतकर उन्होंने न सिर्फ छह अंकों की कमी पूरी की, बल्कि मैच में बढ़त भी बना ली. इसके बाद ब्लिट्ज में संयम बनाए रखते हुए उन्होंने अपना पहला Grand Chess Tour Finals खिताब सुनिश्चित किया.
वेस्ली सो ने भी जीता तीसरे स्थान का मुकाबला
तीसरे स्थान के मैच में ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने विंसेंट कीमर के खिलाफ शानदार वापसी की. दोनों खिलाड़ियों ने रैपिड में एक-एक गेम जीता, लेकिन ब्लिट्ज में सो पूरी तरह हावी रहे. उन्होंने ब्लिट्ज के चारों गेम जीतकर मुकाबला 18-12 से अपने नाम किया और एक गेम बाकी रहते ही तीसरा स्थान पक्का कर लिया.
प्रज्ञानानंद की यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने मुश्किल स्थिति से वापसी करते हुए न सिर्फ कारुआना जैसे दिग्गज को मात दी, बल्कि Grand Chess Tour के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क