भारतीय मोटरस्पोर्ट प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. करीब 15 साल बाद भारत में एक बार फिर फॉर्मूला 1 (F1) की रफ्तार देखने को मिल सकती है. केंद्र सरकार ने देश में F1 की वापसी की दिशा में बड़ा कदम उठाया है और 2028 तक इंडियन ग्रां प्री आयोजित कराने का लक्ष्य तय किया है.
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि खेल मंत्रालय जल्द ही एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करेगा, जो भारत में मोटरस्पोर्ट्स की मौजूदा स्थिति, चुनौतियों और संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी. इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर भारत में फॉर्मूला 1 की वापसी का रोडमैप तैयार किया जाएगा.
मांडविया के मुताबिक चार से पांच सदस्यों वाली यह टास्क फोर्स मोटरस्पोर्ट्स के विकास के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे, निवेश, संचालन और अंतरराष्ट्रीय मानकों का आकलन करेगी।. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि फॉर्मूला 1 जैसे बड़े आयोजन से भारत को आर्थिक, पर्यटन और वैश्विक ब्रांडिंग के स्तर पर कितना फायदा हो सकता है. खेल मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले साल तक पूरा ढांचा तैयार करना है ताकि 2028 तक भारत एक बार फिर F1 कैलेंडर का हिस्सा बन सके.
आखिरी बार भारत में कब हुई थी F1 रेस?
भारत ने 2011 से 2013 तक ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में सफलतापूर्वक फॉर्मूला-1 रेस की मेजबानी की थी. उस समय सेबेस्टियन वेटेल जैसे दिग्गज ड्राइवरों ने भारतीय ट्रैक पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था. हालांकि टैक्स विवादों और वित्तीय चुनौतियों के कारण इंडियन ग्रां प्री को बाद में F1 कैलेंडर से हटा दिया गया. अब सरकार, फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (FMSCI), उत्तर प्रदेश सरकार और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट के मालिकों के साथ मिलकर इसकी वापसी की संभावनाओं पर काम कर रही है.
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फॉर्मूला 1 की नजरें लंबे समय से भारतीय बाजार पर है. पिछले कुछ वर्षों में भारत में इस खेल की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. F1 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में भारत में फॉर्मूला-1 के प्रशंसकों की संख्या 7.9 करोड़ थी, जो छह महीने के भीतर बढ़कर 9.8 करोड़ तक पहुंच गई. यह तेजी से बढ़ता फैनबेस भारत को दुनिया के सबसे बड़े उभरते मोटरस्पोर्ट बाजारों में शामिल कर रहा है.
सरकार का मानना है कि फॉर्मूला-1 की वापसी सिर्फ खेल के लिहाज से नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद अहम होगी. ऐसे आयोजनों से पर्यटन, होटल उद्योग, परिवहन, विज्ञापन, निवेश और रोजगार के अवसरों में बड़ा इजाफा होता है. मनसुख मांडविया ने कहा कि मोटरस्पोर्ट्स को सरकार की 'प्ले इन इंडिया' पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा. उनका मानना है कि F1 के इर्द-गिर्द एक पूरी अर्थव्यवस्था विकसित हो सकती है और भारत में इसके लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं.
हाल ही में फॉर्मूला-1 अधिकारियों, FMSCI, युवा रेसर्स, मोटरस्पोर्ट विशेषज्ञों और बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट से जुड़े प्रतिनिधियों की बैठक भी हुई थी. F1 के CEO स्टेफानो डोमेनिकाली पहले ही भारत को खेल के लिए एक अहम बाजार बता चुके हैं, हालांकि उन्होंने निवेश और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को जरूरी शर्त बताया था.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क