विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मैचों के सबसे बड़े खिलाड़ी क्यों कहलाते हैं. उनके नाबाद 75 रन और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने रविवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स (GT) को पांच विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब अपने नाम कर लिया. कोहली 'प्लेयर ऑफ द मैच' भी रहे.
IPL 2026 के फाइनल में RCB ने हर विभाग में गुजरात को पीछे छोड़ते हुए 156 रन के लक्ष्य को 18 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया. इस जीत के साथ कप्तान रजत पाटीदार उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में शामिल हो गए जिन्होंने IPL खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड किया है. इस सूची में अब महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के साथ उनका नाम भी दर्ज हो गया है.
कोहली-वेंकटेश ने शुरुआत में ही तोड़ा गुजरात का मनोबल
156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB को विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने तूफानी शुरुआत दिलाई. दूसरे ओवर में ही दोनों बल्लेबाजों ने कागिसो रबाडा पर धावा बोल दिया. रबाडा के उस ओवर में 18 रन बने और मैच का रुख शुरुआती पलों में ही RCB की ओर मुड़ गया.
कोहली ने अपने चिर-परिचित अंदाज में पारी को नियंत्रित किया, जबकि वेंकटेश ने आक्रामक बल्लेबाजी की. दोनों ने महज 4.3 ओवर में 62 रन जोड़कर गुजरात के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया.
हालांकि इसके बाद वेंकटेश अय्यर और देवदत्त पडिक्कल के विकेट गिरे. कप्तान रजत पाटीदार और क्रुणाल पांड्या भी ज्यादा देर नहीं टिक सके, जिससे RCB का स्कोर 91/4 हो गया. लेकिन दूसरी ओर कोहली चट्टान की तरह डटे रहे.
संकट में विराट बने दीवार
गुजरात को वापसी की उम्मीद तब दिखी जब RCB ने कुछ तेज विकेट गंवाए, लेकिन कोहली ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया. उन्होंने अर्शद खान की गेंद पर चौका लगाकर सीजन का अपना पांचवां अर्धशतक पूरा किया.
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टिम डेविड ने 17 गेंदों में 24 रन बनाकर कोहली का बेहतरीन साथ दिया. इस दौरान कोहली को एक जीवनदान भी मिला, जब शुभमन गिल ने अर्शद खान की गेंद पर उनका कैच पकड़ा, लेकिन टीवी रिप्ले में गेंद घास को छूती हुई दिखाई दी और उन्हें नॉट आउट करार दिया गया.
इसके बाद कोहली ने कोई गलती नहीं की. उन्होंने अरशद खान की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच खत्म किया और RCB खेमे में जश्न शुरू हो गया. 42 गेंदों में खेली गई उनकी नाबाद 75 रन की पारी ने एक बार फिर दिखा दिया कि बड़े मुकाबलों में उनसे बेहतर चेज मास्टर शायद ही कोई हो.
गेंदबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटन्स की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. नरेंद्र मोदी स्टेडियम की मिश्रित लाल और काली मिट्टी वाली धीमी पिच पर RCB के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया.
गुजरात को कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों स्टार बल्लेबाज फाइनल में फ्लॉप रहे. गिल ने जोश हेजलवुड की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर कप्तान रजत पाटीदार के हाथों में चली गई. वहीं साई सुदर्शन, जिन्हें इससे पहले DRS ने जीवनदान दिलाया था, भुवनेश्वर कुमार की शॉर्ट गेंद पर विकेटकीपर जितेश शर्मा को कैच थमा बैठे.
पावरप्ले समाप्त होने तक गुजरात का स्कोर दो विकेट पर सिर्फ 45 रन था. यह उनके लिए बेहद निराशाजनक शुरुआत रही.
वॉशिंगटन सुंदर का संघर्ष बेकार
शीर्ष क्रम के फ्लॉप होने के बाद जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालने की कोशिश की. बटलर ने 19 रन बनाए जबकि सुंदर अंत तक टिके रहे और 37 गेंदों में पांच चौकों की मदद से नाबाद 50 रन बनाए.
हालांकि दूसरे छोर से उन्हें कोई खास समर्थन नहीं मिला. युवा तेज गेंदबाज रसिक सलाम डार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए निशांत सिंधु और राहुल तेवतिया को आउट किया. रसिक ने तीन विकेट लेकर गुजरात की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया.
भुवनेश्वर कुमार ने दो विकेट झटके जबकि जोश हेजलवुड ने भी दो सफलताएं हासिल कीं. गुजरात की बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम को अपनी पारी का पहला छक्का लगाने के लिए 13वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा. अरशद खान ने क्रुणाल पांड्या की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर छक्का लगाकर यह इंतजार खत्म किया.
लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. गुजरात की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 155 रन ही बना सकी.
पाटीदार की मुस्कान और कोहली का जश्न
जैसे ही कोहली ने विजयी छक्का लगाया, RCB का डगआउट खुशी से झूम उठा. आमतौर पर शांत दिखने वाले कप्तान रजत पाटीदार के चेहरे पर भी बड़ी मुस्कान थी. साथी खिलाड़ी मैदान पर दौड़ पड़े और सबसे पहले विराट कोहली को घेर लिया, जो 2008 से इस फ्रेंचाइजी की धड़कन बने हुए हैं.
यह फाइनल पूरी तरह RCB के नाम रहा. गेंदबाजों ने गुजरात को बांधा, बल्लेबाजों ने दबाव नहीं बनने दिया और विराट कोहली ने अंत तक खड़े रहकर एक और यादगार जीत की पटकथा लिख दी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क