IPL 2026 Final, GT vs RCB: आईपीएल 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सिर्फ गेंदबाजी नहीं की, बल्कि गुजरात टाइटन्स के खिलाफ एक ऐसी रणनीति पर अमल किया जिसने मैच का रुख ही बदल दिया. इसकी बदौलत ही आरसीबी लगातार दूसरी बार आईपीएल चैम्पियन बनी.
गुजरात की टीम के 156 के रनचेज में विराट कोहली ने शानदार 75 रनों की पारी खेली. वहीं वेंकटेश अय्यर (32) और टिम डेविड (24) ने भी शानदार योगदान दिया. लेकिन इस खिताबी जीत की आधारशिला आरसीबी के तेज गेंदबाजों ने रखी. जिन्होंने मैच में 8 विकेट में से 7 विकेट लिए. रसिक सलाम डार आरसीबी के सबसे सफल गेंदबाज रहे. जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने दो-दो सफलताएं हासिल कीं.
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले रविवार (31 मई) को खेले गए खिताबी मुकाबले में RCB के तेज गेंदबाजों ने पिच की प्रकृति को जल्दी समझा और उसी के अनुसार गुजरात के बल्लेबाजों को जकड़ लिया. नतीजा यह रहा कि गुजरात टाइटन्स 20 ओवर में 8 विकेट पर केवल 155 रन ही बना सकी.
शुरुआत से ही साफ दिख रहा था कि पिच पर गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी. ऐसे में RCB के गेंदबाजों ने फुल लेंथ या लगातार स्लोअर गेंदों की बजाय हार्ड लेंथ और शरीर की तरफ उठती हुई गेंदों को हथियार बनाया. यही रणनीति गुजरात की बल्लेबाजी पर भारी पड़ गई.
जोश हेजलवुड ने सबसे पहले कप्तान शुभमन गिल को अपना शिकार बनाया. गिल ने आक्रामक शुरुआत की कोशिश की, लेकिन हेजलवुड की उछाल लेती गेंद पर उनका शॉट सही तरीके से नहीं लगा. गेंद हवा में चली गई और कप्तान राजत पाटीदार ने शानदार कैच लेकर गुजरात को बड़ा झटका दे दिया. गिल 10 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हुए.
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इसके बाद भुवनेश्वर कुमार ने साई सुदर्शन के खिलाफ भी वही योजना अपनाई. उन्होंने गेंद को ऊपर फेंकने के बजाय लगातार शॉर्ट लेंथ पर रखा. सुदर्शन ने रैम्प शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर विकेटकीपर के दस्तानों में समा गई. गुजरात ने अपने दोनों प्रमुख बल्लेबाज पावरप्ले के भीतर गंवा दिए.
RCB यहीं नहीं रुकी. रसिक सलाम ने निशांत सिंधु को भी उसी तरह फंसाया. बल्लेबाज आगे बढ़कर खेलने निकले, लेकिन गेंद पिच में धंसकर आई और गलत टाइमिंग के कारण कैच थमा बैठे. यह तीसरा विकेट था जो हार्ड लेंथ गेंद पर गिरा.
वॉशिंगटन सुंदर को एक बार जीवनदान जरूर मिला, जब फाइन लेग पर लिया गया कैच रिव्यू में पलट गया. हालांकि यह भी एक शॉर्ट गेंद पर ही बना मौका था, जिससे साफ हो गया कि गुजरात के बल्लेबाज लगातार दबाव में थे. सुंदर ने अंत तक संघर्ष किया और नाबाद 50 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त समर्थन नहीं मिला.
15वें ओवर में हेजलवुड ने गुजरात की मुश्किलें और बढ़ा दीं. तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहे अरशद खान हार्ड लेंथ गेंद पर पुल शॉट खेलते हुए कैच दे बैठे. उस समय गुजरात का स्कोर 99/5 हो चुका था.
इसके बाद रसिक सलाम ने राहुल तेवतिया को भी चलता किया. क्रॉस-सीम गेंद पिच से अतिरिक्त पकड़ लेकर अंदर आई, बल्ले का अंदरूनी किनारा लगी गेंद हवा में गई और कैच लपक लिया गया. गुजरात 115/6 पर संघर्ष करता नजर आया.
भुवनेश्वर कुमार ने जेसन होल्डर को भी शॉर्ट गेंद से फंसाया. पुल शॉट की कोशिश में होल्डर ने ऊंचा कैच दिया और हेजलवुड ने आसान कैच पूरा किया. यह विकेट RCB की पूरी गेंदबाजी रणनीति का सबसे बड़ा प्रमाण था.
RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि उसने अपनी योजना से भटकने की गलती नहीं की. गेंदबाजों ने पिच पर मौजूद अतिरिक्त उछाल और धीमी गति का फायदा उठाया. बल्लेबाजों को लगातार बैकफुट पर धकेला गया और उन्हें असहज शॉट खेलने के लिए मजबूर किया गया.
फाइनल जैसे बड़े मंच पर RCB के गेंदबाजों ने दिखाया कि सही रणनीति और सटीक अमल किस तरह मैच का पासा पलट सकता है. रसिक सलाम ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट झटके. भुवनेश्वर कुमार ने 29 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि जोश हेजलवुड ने 37 रन देकर 2 सफलताएं हासिल कीं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क