1983 वर्ल्ड कप जीत की ‘शराब पार्टी’ वाला बिल निकला फर्जी! कीर्ति आजाद ने खोली वायरल फोटो की पोल

1983 वर्ल्ड कप जीत से जुड़ा एक कथित होटल बिल सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें लंदन के ग्रोसवेनर होटल में भारतीय टीम के जश्न और महंगी चीजों का दावा किया गया था, साथ ही कपिल देव के फर्जी सिग्नेचर भी दिखाए गए थे. लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता Kirti Azad ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया.

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 ‘वायरल जश्न बिल’ फर्जी... कीर्ति आजाद ने बताई सच्चाई. ‘वायरल जश्न बिल’ फर्जी... कीर्ति आजाद ने बताई सच्चाई.

आजतक स्पोर्ट्स डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:24 PM IST

1983… भारतीय क्रिकेट इतिहास की वह रात, जिसने सिर्फ एक वर्ल्ड कप नहीं जिताया था, बल्कि करोड़ों भारतीयों के भीतर क्रिकेट का जुनून हमेशा के लिए जगा दिया था. लेकिन अब उसी ऐतिहासिक जीत से जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसने लोगों को हैरान भी किया और भावुक भी. दावा किया गया कि यह भारत की 1983 वर्ल्ड कप जीत के बाद होटल में हुई जश्न पार्टी का असली बिल है.

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बिल में महंगी शैंपेन, व्हिस्की, स्टेक डिनर, बीयर और सिगरेट तक का जिक्र था. ऊपर से उस पर कथित तौर पर कप्तान कपिल देव के सिग्नेचर भी लगे हुए थे. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे ‘इतिहास का सबसे चर्चित क्रिकेट बिल’ बताना शुरू कर दिया.

लेकिन तभी 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद सामने आए… और एक झटके में पूरी कहानी को फर्जी करार दे दिया.

कीर्ति आजाद ने X पर साफ लिखा कि यह बिल पूरी तरह नकली है. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम उस होटल में गई ही नहीं थी, जिसका नाम वायरल बिल में दिखाया गया. उनके मुताबिक टीम ने जीत का जश्न लंदन के वेस्टमोरलैंड होटल में मनाया था, जो लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के पास था.

उन्होंने लिखा, 'यह फर्जी है. सोशल मीडिया पर हर जगह फैलाया जा रहा है. हम वेस्टमोरलैंड होटल में रुके थे. 25 जून 1983 की जीत के बाद पूरी रात जश्न चला. हम कभी इस होटल में गए ही नहीं. कपिल देव के सिग्नेचर भी नकली हैं.'

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वायरल तस्वीर में लंदन के ग्रोसवेनर होटल का कथित बिल दिखाया गया था, जिसकी तारीख 25 जून 1983 थी- वही रात जब भारत ने दुनिया की सबसे ताकतवर टीम वेस्ट्इंडीज को हराकर इतिहास रच दिया था. बिल में Moët शैंपेन, व्हिस्की, बीयर, स्टेक और Dunhill सिगरेट जैसी चीजें दर्ज थीं और कुल रकम करीब 764 पाउंड बताई गई थी.

यही वजह थी कि लोगों को यह दस्तावेज असली लगने लगा. लेकिन कीर्ति आजाद के बयान के बाद साफ हो गया कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर फैलाई गई एक मनगढ़ंत कहानी थी.

दरअसल, 25 जून 1983 को लॉर्ड्स के मैदान पर जो हुआ था, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था. भारतीय टीम ने उस समय की सबसे खतरनाक टीम वेस्टइंडीज को 43 रनों से हराकर क्रिकेट की दुनिया हिला दी थी. इस जीत ने सिर्फ वर्ल्ड कप नहीं बदला… इसने क्रिकेट की ताकत का केंद्र भी बदल दिया. इसके बाद भारत में क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं रहा, बल्कि एक भावना बन गया.


 

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