टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में गुरुवार को खेला गया दूसरा वनडे मेजबान इंग्लैंड टीम के नाम रहा. जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 234 रन का लक्ष्य 44.1 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया. इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई. अब रविवार को लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे सीरीज का फैसला करेगा.
टीम इंडिया की हार सिर्फ बल्लेबाजी या गेंदबाजी की वजह से नहीं हुई, बल्कि कई छोटी-छोटी गलतियां मिलकर टीम पर भारी पड़ीं. आइए इन कारणों को आसान भाषा में समझते हैं...
1. रोहित शर्मा की धीमी बल्लेबाजी
सबसे बड़ा सवाल पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाजी पर उठा. उन्होंने 47 गेंदों में सिर्फ 26 रन बनाए. शुरुआत से ही वह लय में नहीं दिखे. सैम करन के पहले स्पेल में छह गेंद खेलकर खाता भी नहीं खोल सके. आदिल राशिद के खिलाफ भी संघर्ष करते नजर आए. पूरी पारी में सिर्फ एक छक्का लगा सके और लगातार नौ डॉट गेंद खेलने के बाद विल जैक्स की गेंद पर आसान कैच दे बैठे. उनकी धीमी पारी की वजह से भारत शुरुआती ओवरों में गति नहीं पकड़ सका.
2. कोहली और श्रेयस के अलावा किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला
विराट कोहली ने 66 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली. उन्होंने आठ चौके लगाए और पुराने अंदाज में बल्लेबाजी की. श्रेयस अय्यर ने भी 66 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की. लेकिन इन दोनों के अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका. शुभमन गिल (31), ईशान किशन (1), शिवम दुबे (0), अक्षर पटेल (1)और निचले क्रम के बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए. इसका असर स्कोर पर साफ दिखा और भारत 44 ओवर में 233 रन पर सिमट गया. वो तो गनीमत रही कि जसप्रीत बुमराह
3. मिडिल ऑर्डर का अचानक ढह जाना
भारत अच्छी स्थिति में दिखाई दे रहा था, लेकिन फिर 26 गेंदों के भीतर सिर्फ 15 रन पर चार विकेट गिर गए. इस दौरान जोफ्रा आर्चर ने अपनी तेज गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया. गस एटकिंसन और साकिब महमूद ने भी लगातार विकेट निकालकर भारत की पारी को पूरी तरह रोक दिया. यही वह दौर था जिसने मैच का रुख बदल दिया.
4. जो रूट की बेहतरीन मैच जिताऊ पारी
234 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए. जसप्रीत बुमराह ने बेन डकेट को और प्रसिद्ध कृष्णा ने जैकब बेथेल को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई. हैरी ब्रूक भी ज्यादा देर नहीं टिक सके. इसके बावजूद जो रूट ने एक छोर संभाले रखा.
उन्होंने 133 गेंदों पर नाबाद 99 रन बनाए और परिस्थितियों के मुताबिक बेहद संयमित बल्लेबाजी की. विल जैक्स के साथ छठे विकेट के लिए 72 रन जोड़कर उन्होंने भारत की वापसी की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं. शतक से एक रन दूर रह गए क्योंकि गस एटकिंसन ने विजयी चौका जड़ दिया.
5. 233 रन का स्कोर चुनौतीपूर्ण नहीं था
कार्डिफ की पिच पर शुरुआती मदद तेज गेंदबाजों को जरूर मिली, लेकिन बड़ा स्कोर नहीं होने की वजह से इंग्लैंड पर कभी दबाव नहीं आया. रूट ने जोखिम लेने की बजाय स्ट्राइक रोटेट की और बड़े मैदान का पूरा फायदा उठाया. भारत के गेंदबाज शुरुआती सफलता के बाद बीच के ओवरों में विकेट नहीं निकाल सके. वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैच से बाहर थे, जिससे स्पिन विभाग भी कमजोर दिखा. अक्षर पटेल ने जोस बटलर का विकेट जरूर लिया, लेकिन तब तक रूट मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना चुके थे.
अब दोनों टीमें लॉर्ड्स में 19 जुलाई को निर्णायक मुकाबले में आमने-सामने होंगी. भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म और बल्लेबाजी की निरंतरता है. यदि टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर साथ नहीं चला तो सीरीज जीतना मुश्किल हो सकता है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क