क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट का अपना एक अलग ही रोमांच होता है. लेकिन मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों से हराकर ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैच तक चलने वाली टेस्ट मैच को सिर्फ दो दिन में खत्म कर दिया.
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच खेला गया यह टेस्ट मैच अब इतिहास के 5 सबसे छोटे टेस्ट मैच में शामिल हो गया है. इस लिस्ट में शामिल होते ही इस मैच ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है.
मैके टेस्ट में कंगारुओं ने बांग्लादेश को महज 750 लीगल गेंदों के भीतर एक पारी और 51 रनों से रौंद दिया. मिचेल स्टार्क ने इस मैच में 10 विकेट झटककर महफिल लूट ली. बांग्लादेश की टीम दोनों पारियों में क्रमशः 64 और 95 रन ही बना सकी. जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 210 रन बनाए. पूरे मैच में सिर्फ चार सेशन का खेल हुआ और सभी 30 विकेट गिर गए.
दिग्गज का फूटा गुस्सा
मैच के इतनी जल्दी खत्म होने पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर जस्टिन लैंगर ने कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दो दिन में टेस्ट मैच खत्म होना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. लैंगर का मानना है कि इससे न सिर्फ फैन्स और मैच देखने आ रहे बच्चों को निराशा होती है, बल्कि क्रिकेट बोर्ड (CA) और जमीनी स्तर के क्रिकेट को भी तगड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचता है.
भारत-अफ्रीका के बीच खेला गया था सबसे छोटा टेस्ट मैच
इतिहास का सबसे छोटा टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत (केप टाउन, 2024) में खेला गया था. यह मुकाबला महज 642 गेंदों में ही समाप्त हो गया था. इस मैच में मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी का ऐसा जलवा दिखा कि टीम इंडिया ने इसे 7 विकेट से आसानी से जीत लिया.
इसके बाद दूसरा सबसे छोटा टेस्ट ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका (मेलबर्न, 1932) का था, जो सिर्फ 656 गेंदों तक चला. इस मैच में दक्षिण अफ्रीकी टीम अपनी दोनों पारियों में क्रमशः 36 और 45 रन पर ही ढेर हो गई थी, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 72 रनों की बड़ी जीत दर्ज की थी.
साल 1935 में खेला गया था वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड मैच
इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड (ब्रिजटाउन, 1935) का मैच आता है. खराब पिच और रणनीति के तहत दो बार पारी घोषित होने की वजह से यह बेहद अजीबोगरीब मुकाबला बन गया था. 672 गेंदों तक चले इस मैच को इंग्लैंड ने 4 विकेट से अपने नाम किया था. वहीं, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया बनाम बांग्लादेश (मकाय, 2026) का टेस्ट भी इस सूची में शामिल हो गया है. महज 750 गेंदों में खत्म हुए इस मैच में मिचेल स्टार्क ने 10 विकेट चटकाकर बांग्लादेश को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था.
गेंदों के लिहाज से पांचवां सबसे छोटा टेस्ट मैच इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया (मैनचेस्टर, 1888) के बीच खेला गया था. 788 गेंदों के इस मैच में इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पारी और 21 रन से जीत दर्ज की थी. खास बात यह है कि 130 से भी ज्यादा साल बीत जाने के बाद भी यह आज तक गेंदों के लिहाज से सबसे छोटा एशेज टेस्ट बना हुआ है.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क