टीम इंडिया के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर के साथ मैदान पर हुई तीखी बहस को लेकर पूर्व स्पिनर अमित मिश्रा ने पुराना किस्सा साझा किया है. दिल्ली और हरियाणा के बीच एक घरेलू मुकाबले में विकेट लेने के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी. लेकिन मैच खत्म होने के बाद गंभीर ने खुद फोन कर मिश्रा को डिनर पर बुलाया.
आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में अमित मिश्रा ने बताया कि गौतम गंभीर के साथ उनकी दोस्ती काफी पुरानी है. दोनों ने दिल्ली में कोच संजय भारद्वाज की अकादमी में साथ ट्रेनिंग ली थी. बाद में भारतीय टीम और आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के लिए भी दोनों एक साथ खेले.
क्यों हुआ था ये पूरा विवाद?
अमित मिश्रा ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा के मैच में वह लगातार विकेट ले रहे थे और गौतम गंभीर दूसरे छोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बहस में बदल गई. मिश्रा ने गंभीर से कहा कि उनके विकेट लेने पर उन्हें क्या परेशानी है. गंभीर ने जवाब में उन्हें चुप रहने और गेंदबाजी करने को कहा. इस पर मिश्रा भी नाराज हो गए और दोनों के बीच मैदान पर तीखी बहस हुई.
मैच के बाद होटल पहुंचने पर गौतम गंभीर ने अमित मिश्रा को फोन किया और डिनर पर चलने के लिए कहा. मिश्रा उस बहस से नाराज थे, इसलिए उन्होंने कह दिया कि वह खाना खा चुके हैं. इसके बाद गंभीर ने उन्हें गुस्सा छोड़ने और साथ में कोल्ड कॉफी पीने के लिए कहा. अमित मिश्रा ने कहा कि गंभीर मैदान पर आक्रामक जरूर हैं, लेकिन निजी रिश्तों में अलग तरह से पेश आते हैं. उनके मुताबिक, अगर गंभीर किसी को अपना दोस्त मानते हैं तो मैदान पर हुई तकरार को रिश्ते पर हावी नहीं होने देते.
अमित मिश्रा ने गौतम गंभीर की एक और खासियत का जिक्र करते हुए कहा कि संपन्न परिवार से होने के बावजूद उन्होंने कभी अपनी आर्थिक स्थिति का दिखावा नहीं किया. मिश्रा की पहली कार मारुति ऑल्टो थी, जबकि गंभीर के पास बीएमडब्ल्यू थी. इसके बावजूद गंभीर उनके साथ ऑल्टो में बैठकर अभ्यास के लिए चले जाते थे.
अमित मिश्रा के अनुसार, गौतम गंभीर ने कभी उन्हें या किसी दूसरे साथी को यह महसूस नहीं कराया कि वह उनसे ज्यादा संपन्न हैं. यही सादगी उनकी दोस्ती की अहम वजह रही.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क