बाराबंकी की इन महिलाओं ने मुश्किल हालात को अपनी ताकत बना लिया. सकीना बानो ने कर्ज लेकर ई-रिक्शा खरीदा, फिर दूसरी गाड़ी और अब कार को ओला में लगाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. वहीं, मोनी विश्वकर्मा ने फसल काटने की मशीन खरीदी और निशा यादव ने आटा-मसाला पीसने की चक्की शुरू कर अपनी कमाई का रास्ता बनाया.