श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। श्राद्ध के दिन घर का भोजन खाने को लेकर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि पहले ब्राह्मण को विधि-विधान से भोजन कराना चाहिए।