भारत के प्रधानमंत्री कई बार अलग-अलग अवसरों पर लाल किले पर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वहां जाकर संबोधन किया. इस दिन का देश के लिए विशेष महत्व है क्योंकि यहां से देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया जाता है. लोकतंत्र को मजबूत करने और संप्रभुता को बनाए रखने के लिए भारत ने कई कुर्बानियां दी हैं. लाल किला का प्राचीर इस देश की स्वतंत्रता और एकता का प्रतीक है जहां से प्रधानमंत्री हमेशा देश के विकास और अखंडता की बात करते हैं.