अयोध्या की 151 साल पुरानी रामलीला में स्थानीय कलाकार ही भगवान श्रीराम, हनुमान जी और अन्य पात्रों की भूमिका निभाते हैं. यहां हनुमान जी के प्राचीन मुकुट की रोज पूजा होती है और इसे धारण करने वाले कलाकार को आचरण व मर्यादा के विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है.