जितनी चमकदार रोशनी, उतना सेहतमंद बच्चा... प्रेग्नेंट महिला से जुड़ी खोज में क्या सामने आया

हम, आप और पूरी दुनिया के जीव एक रोशनी से पैदा हुए है. भरोसा न हो तो इस स्टोरी में दिए गए Video को देखिए. जब कोई शुक्राणु किसी अंडे से मिलता है तब एक साथ 10 अरब जिंक कण निकलते हैं. इससे चमकदार रोशनी निकलती है. जितनी तेज रोशनी मतलब उतना अच्छा भ्रूण. यानी उतना सेहतमंद बच्चा. जानिए जीवन की इस पहली रोशनी के बारे में.

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दुनिया में किसी भी जीव का जन्म एक रोशनी से होता है. (Photo: Representational/Getty) दुनिया में किसी भी जीव का जन्म एक रोशनी से होता है. (Photo: Representational/Getty)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 6:50 PM IST

क्या आपने सोचा है कि बच्चा बनने की पहले पल में क्या होता है? वैज्ञानिकों ने पाया है कि जब शुक्राणु अंडे को छूता है, तो अंडे से जिंक नाम की चीज निकलती है. यह जिंक इतनी तेजी से बाहर आती है कि एक चमकदार रोशनी बन जाती है. यह फ्लैश पटाखों के फूटने जैसा लगता है. यह चमक सिर्फ सुंदर नहीं, बल्कि बताती है कि अंडा कितना अच्छा है. अच्छे अंडे से स्वस्थ बच्चा बनेगा.

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यह खोज 2016 में अमेरिका के नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने की थी. उनका 'साइंटिफिक रिपोर्ट्स' मैगजीन में छपा था. नाम था 'जिंक स्पार्क इज एन इनऑर्गेनिक सिग्नेचर ऑफ ह्यूमन एग एक्टिवेशन'. मुख्य वैज्ञानिक डॉ. थॉमस ई. वुडरफ कहती हैं कि यह रोशनी की चमक ही जीवन की शुरुआत का निशान है.

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जिंक स्पार्क कैसे बनता है?

अंडे के अंदर बहुत जिंक जमा रहता है. शुक्राणु के एंजाइम अंडे को जगाते हैं. इससे अंडे में कैल्शियम बढ़ जाता है. कैल्शियम बढ़ने पर अंडे की सतह पर छोटी थैली फट जाती हैं. इनसे जिंक बाहर आता है – 10 अरब जिंक कण 4-5 लहरों में. यह सब 2-3 सेकंड में हो जाता है.

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वैज्ञानिकों ने स्पेशल रसायनों से इसे देखा. एक रसायन कैल्शियम को हरा रंग देता है, दूसरा जिंक को. माइक्रोस्कोप से फ्लैश साफ दिखा. पेपर में लिखा है कि जिंक कैल्शियम के साथ सेकेंडों में निकलता है.

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अच्छे अंडे में ज्यादा चमक

अध्ययन में 12 अच्छे अंडे और 7 कम अच्छे अंडे देखे गए. अच्छे अंडे में जिंक की चमक ज्यादा तेज थी. कम अच्छे में कम. वैज्ञानिकों ने गणना की – अच्छे अंडे की चमक ज्यादा (p

अंडे की अच्छाई का पता

जिंक फ्लैश की ताकत से पता चलता है कि अंडा अच्छा है या नहीं. मजबूत फ्लैश मतलब अच्छा भ्रूण बनेगा. यह IVF (टेस्ट ट्यूब बेबी) में बहुत काम आएगा. डॉक्टर अच्छे अंडे आसानी से चुन सकेंगे. पेपर कहता है कि यह फ्लैश भ्रूण के विकास का संकेत है. इससे एक ही भ्रूण डालने से जोखिम कम होगा.

कैसे किया अध्ययन?

IVF सेंटर से पुराने अंडे लिए (रोगियों की इजाजत से) गए. कुछ अच्छे, कुछ कम. लैब में इन्हें जगाया – दवा से या शुक्राणु से. हर 2 सेकंड में फोटो खींचे. कंप्यूटर से चमक नापी गई. जिंक रोकने वाली दवा से भी टेस्ट किया. चूहों पर भी प्रयोग किया गया – वहां अच्छे बच्चे बने.

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जीवन की चमक

यह खोज दिखाती है कि जीवन कितना कमाल का है. अंडा-शुक्राणु का मिलन एक चमकदार पार्टी जैसा है. डॉ. वुडरफ कहती हैं कि जीवन जिंक फ्लैश से शुरू होता है – सृष्टि की चमक. अब वैज्ञानिक इसे और सुधार रहे हैं. IVF में ज्यादा सफलता मिलेगी. लाखों जोड़ों को फायदा. छोटी चीजें बड़े राज खोलती हैं.

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