जुलाई की गर्मी के बीच लद्दाख में एक बार फिर बर्फबारी हुई है. नुब्रा घाटी और पैंगोंग झील को जोड़ने वाले वारी ला (Wari La) पास पर ताजा बर्फ गिरने से पूरा इलाका सफेद हो गया. यह बर्फबारी ऐसे समय हुई है, जब देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी और बारिश का मौसम है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लद्दाख के ऊंचे इलाकों में गर्मियों में भी बर्फ गिरना कोई हैरानी की बात नहीं है. इसकी वजह यहां की ज्यादा ऊंचाई और तेजी से बदलने वाला मौसम है.
वारी ला पास समुद्र तल से करीब 17400 फीट की ऊंचाई पर है. इतनी ऊंचाई पर गर्मियों में भी तापमान कई बार शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे चला जाता है. ऐसे में अगर हवा में नमी हो, तो बारिश की जगह बर्फ गिरने लगती है. यही वजह है कि जुलाई में भी यहां बर्फबारी हो जाती है.
यह भी पढ़ें: अब अल-नीनो का सबसे खतरनाक रूप दिखेगा... क्यों अगले कुछ दिन मॉनसून के लिए बेहद अहम हैं
गर्मियों में बर्फ क्यों गिरती है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ है. यह एक मौसमी सिस्टम है, जो भूमध्य सागर की तरफ से नमी लेकर हिमालय तक पहुंचती है. जब यह सिस्टम लद्दाख के ऊपर सक्रिय होता है और वहां तापमान बहुत कम होता है, तो बारिश की जगह बर्फ गिरती है.
कई बार जुलाई में मॉनसून की कुछ नमी भी लद्दाख तक पहुंच जाती है. जब यह नमी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के साथ मिलती है, तो ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी होने की संभावना बढ़ जाती है.
ऊंचाई का क्या असर पड़ता है?
जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, वैसे-वैसे तापमान कम होता जाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक हर 1000 मीटर की ऊंचाई पर तापमान औसतन करीब 6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है. इसलिए मैदानी इलाकों में गर्मी होने के बावजूद 5000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है.
यह भी पढ़ें: ट्रंप के ईरान प्रहार से दूर क्यों है इजरायल, क्या चुपके-चुपके ईरान को चोट देने की तैयारी है
बर्फबारी के बाद सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कुछ समय के लिए रास्ते भी प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए लद्दाख जाने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें. गर्मियों में भी यहां गर्म कपड़े साथ रखना जरूरी है, क्योंकि मौसम कभी भी बदल सकता है.
वारी ला पास पर हुई ताजा बर्फबारी एक बार फिर दिखाती है कि लद्दाख का मौसम बाकी भारत से काफी अलग है. यहां ज्यादा ऊंचाई, कम तापमान और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से गर्मियों में भी बर्फबारी होना बिल्कुल संभव है.
मीर फरीद