दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार शाम को तेज हवाओं और हल्की बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी. मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी शुक्रवार को भी तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश और धूल भरी आंधी का दौर जारी रह सकता है. यह मौसम प्रणाली राजस्थान से प्रवेश कर दिल्ली-एनसीआर को प्रभावित करेगी और गुजरात की ओर निकल जाएगी.
गुरुवार शाम को दिल्ली में 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. पालम में सबसे तेज हवा दर्ज की गई. सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था. पिछले दिन की तुलना में तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई. कई जगहों पर हल्की बारिश भी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली.
यह भी पढ़ें: मॉनसून को कितना नुकसान पहुंचाएगा अल-नीनो? आ गया बारिश का नया आंकड़ा
मौसम विभाग और स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के अनुसार राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में गरज-चमक की गतिविधि शुरू हो चुकी है, जो शाम तक दिल्ली-एनसीआर पहुंच जाएगी. यह सिस्टम 30 मई तक सक्रिय रहेगा. 30 और 31 मई को यह गुजरात की ओर शिफ्ट हो जाएगा.
क्यों आ रहा है यह बदलाव?
यह मौसम बदलाव पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती सर्कुलेशन और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण हो रहा है. इनके मिलने से नमी बढ़ गई है, जिसकी वजह से गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो रही है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार की प्री-मॉनसून बारिश अप्रैल और मई की शुरुआत में हुई बारिश से ज्यादा मजबूत हो सकती है. इससे दिल्ली-एनसीआर में व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है.
क्या होगा असर?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक बाहर न निकलें. पेड़ों, पुरानी इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें. ड्राइविंग करते समय विशेष सावधानी बरतें. किसानों को खड़ी फसलों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.
यह भी पढ़ें: पाकिस्तान बॉर्डर पर बाड़ लगाने से कैसे बदल गई सिक्योरिटी, जानिए क्यों जरूरी है बांग्लादेश बॉर्डर पर स्मार्ट फेंसिंग
राहत की खबर
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच रहा था. इस बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. रात का तापमान भी थोड़ा कम होने से रातें कुछ आरामदायक हो सकती हैं. यह मौसम प्रणाली 30 मई तक सक्रिय रहेगी. उसके बाद मौसम साफ होने की संभावना है.
दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा. लोगों को आधिकारिक अलर्ट का पालन करना चाहिए.
आजतक साइंस डेस्क